संसद से सड़क तक संग्राम

पुलिस हिरासत में लिए जाने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ” हकीकत यह है कि वे बात ही नहीं कर सकते हैं. सच्चाई देश के सामने आ चुकी है. ये लड़ाई राजनीतिक नहीं है, ये लड़ाई संविधान को बचाने की लड़ाई है. ये एक व्यक्ति — एक वोट की लड़ाई है, इसीलिए हमें क्लीन वोटर लिस्ट चाहिए. “

नई दिल्ली/ हैदराबाद, 11 अगस्त, 2025. संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाल रहे कई सांसदों को पुलिस ने सोमवार को हिरासत में ले लिया. इन नेताओं में कांग्रेस लीडर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी शामिल है . इसके अलावा लोकसभा और राज्यसभा के कई अन्य सांसद भी हिरासत में लिए गए. फिलहाल मार्च रुक गया है. दिल्ली पुलिस की ओर से इन नेताओं को बसों में ले जाया गया . उन्हें सेंट्रल दिल्ली से बाहर जाकर छोड़ दिया गया है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि चुनाव आयोग की ओर से विपक्ष के नेताओं को समय दिया गया था, लेकिन वे उसके कार्यालय नहीं गए बल्कि सड़क पर हंगामा करने लगे. इस समय एक और नजारा दिखा. पुलिस के रोकने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बैरिकेडिंग ही फांद दी. इसके अलावा राहुल गांधी ने पुलिस की बस से ही हुंकार भरी और कहा कि हमारी लड़ाई राजनीतिक नहीं है बल्कि संविधान को बचाने की है . राहुल गांधी ने कहा कि हम प्योर वोटर लिस्ट चाहते हैं. हमारा संघर्ष इस बात के लिए है कि वन मैन,वन वोट की व्यवस्था सही से लागू रह पाए. पुलिस सांसदों को दो बसों में बिठाकर ले गई . राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी, संजय राउत जैसे सीनियर नेताओं को बस के अंदर ठूंस कर ले जाया गया. इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि हमें बोलते ही नहीं दिया जा रहा है. वहीं सरकारी सूत्रों का कहना है कि जंतर मंतर पर ये लोग प्रदर्शन कर सकते थे, लेकिन इस तरह सेंट्रल दिल्ली के रास्तों पर निकालकर व्यवस्था खराब करना सही नहीं है. विपक्षी सांसदों का कहना है कि चुनाव के दफ्तर जा रहे थे, लेकिन उन्हें उससे ठीक पहले ही रोक लिया गया. इसके बाद उन्हें बसों में ले जाया गया. सूत्र बताते हैं कि सभी सांसदों को संसद मार्ग थाने पहुंचाया गया और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.

आयोग ने बुलाए 30 नेता तो पूरा रेला ही लेकर पहुंचे
चुनाव आयोग के सूत्र बताते हैं कि चर्चा के लिए बुलाए जाने के बाद भी राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता आने को तैयार नहीं. विपक्षी नेताओं का कहना है कि आयोग से बात करने का कोई अर्थ नहीं निकल रहा क्योंकि वे समस्या को सुनते तो हैं, लेकिन कभी किसी तरह के समाधान की बात नहीं की. उधर, दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि चुनाव आयोग की ओर से 30 नेताओं को आने की परमिशन थी, लेकिन दरवाजे पर बड़ी संख्या में नेता पहुंच गए. इसके चलते व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी. इसी वजह से सांसदों को हिरासत में लिया गया. उनका कहना है कि यदि विपक्षी दल चाहें तो अब भी 30 सांसदों को आराम से चुनाव आयोग के दफ्तर ले जाया जा सकता है.

अखिलेश बोले — हमें प्योर वोटर लिस्ट चाहिए, संविधान की है यह लड़ाई
नेताओं को हिरासत में लिए जाने के दौरान सपा नेता अखिलेश यादव बैरिकेडिंग फांदते हुए भी दिखे. इसके अलावा कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है. हम जब वोटर लिस्ट मांग रहे हैं तो उसे मुहैया क्यों नहीं कराया जा रहा है. राहुल गांधी ने पुलिस की बस से ही कहा कि हमारी लड़ाई राजनीतिक नहीं बल्कि संविधान को बचाने के लिए है. राहुल गांधी ने कहा कि हमें प्योर वोटर लिस्ट चाहिए. इस दौरान कई सांसदों ने ‘ मोदी जब-जब डरता है, पुलिस को आगे करता है’ के नारे लगाए.