
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की रिपोर्ट
राम माधव ने स्पष्ट किया कि भाजपा राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय हैं, जबकि संघ राजनीति से बाहर रहकर सामाजिक सेवा के माध्यम से काम करता है. उन्होंने कहा कि दोनों के बीच कोई तनाव या मतभेद नहीं है.
नई दिल्ली/ हैदराबाद, 16 अगस्त, 2025. बीजेपी और आरएसएस के बीच मतभेदों की अटकलों को खारिज करते हुए बीजेपी और संघ के वरिष्ठ नेता राम माधव ने कहा कि दोनों संगठन एक ही वैचारिक परिवार के अंग हैं । पत्रकारों से बातचीत में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा, ” ये अटकलें समय-समय पर लगाई जाती है. अगर किसी को कोई मुद्दा नहीं मिलता, तो आरएसएस को बीच में लाकर कहा जाता है कि संघ और बीजेपी में मतभेद है. संघ और बीजेपी एक वैचारिक परिवार से जुड़े हुए दो संगठन है. ” उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय है, जबकि आरएसएस राजनीति से बाहर रहकर सामाजिक सेवा के माध्यम से काम करता है. दोनों के बीच कोई तनाव नहीं है. राम माधव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर स्वतंत्रता दिवस 2025 के संबोधन में संघ की प्रशंसा करने को लेकर निशाना साधा था. कांग्रेस ने इसे संविधान का अपमान बताया था. इसके जवाब में राम माधव ने कहा कि प्रधानमंत्री का भाषण स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणादायी था और इसने संघ की 100 बरसों की सेवा को मान्यता दी . उन्होंने कहा,” कुछ लोग राजनीतिक कारणों से आरएसएस का विरोध करते हैं. कांग्रेस के कुछ नेता भी लंबे समय से यही कहते रहे हैं. लेकिन हर कोई जानता है कि संघ राजनीति से दूर रहकर समाज व धर्म के लिए काम करता है, अच्छे नागरिक तैयार करता है. निचले स्तर पर संगठन में हर पृष्ठभूमि के लोगों को काम करने का अवसर मिलता है. ” राम माधव ने यह भी कहा कि इसमें कांग्रेस पृष्ठभूमि वाले लोग भी शामिल हैं, लेकिन कुछ लोगों को लगता है कि आरएसएस का विरोध करने से उन्हें राजनीतिक लाभ मिलेगा. इससे पहले संघ की वरिष्ठ नेता अरुण कुमार ने भी कहा था कि बीजेपी और संघ आपसी विश्वास के साथ काम करते हैं और दोनों अपने-अपने स्वतंत्र प्रक्रियाओं के तहत आगे बढ़ते हैं.