
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
हैदराबाद, 15 अगस्त, 2025. 79वें स्वतंत्रता दिवस पर, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अपने संबोधन में केंद्र पर राज्य के ऐतिहासिक विधेयक को शीघ्र मंजूरी देने का दबाव डाला, जिसमें स्थानीय निकायों, शिक्षा और रोजगार में पिछड़े वर्गों ( बीसी ) के लिए 42% आरक्षण प्रावधान है. बीते 17 मार्च को राज्य विधानसभा द्वारा परित यह विधेयक पिछड़े वर्गों की 56.33% आबादी के आधार पर बनाया गया था, जिससे जातिगत सर्वेक्षण पर प्रकाश डाला गया . मुख्यमंत्री ने आग्रह किया, ” हमने वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से अपना काम किया है. अब केंद्र को इसे लागू करने के लिए शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए. ” वे शुक्रवार ( 15 अगस्त ) को हैदराबाद के ऐतिहासिक गोलकुंडा किले पर ध्वजारोहण के बाद बोल रहे थे. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सामाजिक न्याय के प्रति कांग्रेस सरकार की प्रतिबद्धता पर जोड़ दिया और कहा कि तेलंगाना भारत का पहला राज्य है जिसे सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के मुताबिक, अनुसूचित जाति ( एससी ) का उप – वर्गीकरण लागू किया है, जिसमें 59 उप – जातियों को तीन समूहों में विभाजित किया गया है. राजकोषीय वास्तविकताओं की ओर मुड़ते हुए, मुख्यमंत्री ने राज्य पर विरासत में मिले कर्ज के बोझ की एक गंभीर तस्वीर पेश की. उन्होंने कहा, ” जब हमने सत्ता संभाली थी, तब तेलंगाना पर 8, 21,652 करोड रुपए का कर्ज और बकाया था. ” इसमें से 6,71, 757 करोड रुपए उधारी के थे,40, 154 करोड रुपए कर्मचारी और योजनाओं के बकाया थे, और 1,09, 740 करोड रुपए एससी और एसटी उप — योजना, सिंगरेनी और बिजली क्षेत्र की देनदारियों से संबंधित थे. तब से सरकार कल्याणकारी प्रतिबद्धताओं को बनाए रखने का प्रयास करते हुए 2,20,676 करोड रुपए चुकाए हैं, जिसमें 1,32, 498 करोड रुपए मूलधन
और 88, 178 करोड रुपए ब्याज शामिल है. रेवंत रेड्डी ने जोर देकर कहा कि वित्तीय दबाव के बावजूद, राज्य कल्याणकारी योजनाओं, खासकर महिला सशक्तिकरण में भारी निवेश कर रहा है. कार्यभार संभालने के बाद 48 घंटों के भीतर शुरू की गई ” महालक्ष्मी” मुफ्त बस सेवा यात्रा योजना के तहत 200 करोड़ से ज्यादा शून्य किराया टिकट जारी किए गए हैं, जिससे महिलाओं को सामूहिक रूप से 6, 790 करोड़ रुपए की बचत हुई है . उन्होंने कहा,” यह सिर्फ मुफ्त यात्रा के बारे में नहीं है – यह महिलाओं के लिए वित्तीय स्वतंत्रता, शिक्षा तक पहुंच और सामाजिक गतिशीलता के बारे में है. ” उन्होंने कहा कि इस पहल ने राज्य के आरटीसी को भी पुनर्जीवित किया है . मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने एक करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनने के सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की पुष्टि की, जिसके लिए महिला कल्याण और विकास के लिए कुल 46, 689 करोड रुपए का आवंटन किया गया है. सामाजिक सशक्तिकरण को आर्थिक परिवर्तन से जोड़ते हुए, मुख्यमंत्री ने अपने ” तेलंगाना राइजिंग– 2047″ विजन को भी दोहराया. जय हिंद,