मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने पर विचार

इंडिया गठबंधन के नेताओं ने माना कि जरूरत पड़ने पर नियमों के तहत महाभियोग प्रस्ताव लाकर सीईसी को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है


नई दिल्ली/ हैदराबाद, 18 अगस्त, 2025. संसद भवन में सोमवार सुबह इंडिया गठबंधन की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने की संभावना पर चर्चा हुई. गठबंधन के नेताओं ने माना कि जरूरत पड़ने पर नियमों के तहत महाभियोग प्रस्ताव लाकर मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने कहा कि अभी औपचारिक विचार नहीं हुआ है, लेकिन अगर हालात बने तो गठबंधन इस विकल्प को अपनाएगा. महाभियोग प्रस्ताव लाकर संवैधानिक प्रावधानों के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाया जा सकता है. बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर ) सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामा के कारण सोमवार को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के 5 मिनट के भीतर ही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी.

राहुल गांधी लगातार कर रहे हैं चुनाव आयोग पर हमला
दरअसल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को चुनाव आयोग के संवाददाता सम्मेलन के बाद आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पहले छुपकर वोट की चोरी कर रहा था लेकिन अब विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर ) के नाम पर यह सरेआम हो रहा है. उन्होंने बिहार में’ वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान औरंगाबाद के रमेश चौक पर एक सभा को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि वे ना तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरते हैं और न ही चुनाव आयोग से डरने वाले हैं. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में कानून बदलाव करके मुख्य निर्वाचन आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई के दायरे से मुक्त किया गया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह नहीं चाहते कि’ वोट चोरी ‘ के कारण चुनाव आयोग पर किसी तरह की कार्रवाई हो. इससे पहले, निर्वाचन आयोग ने रविवार को कहा था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर ) का उद्देश्य उनमें सभी त्रुटियों को दूर करना है और यह गंभीर चिंता का विषय है कि कुछ दल इसके बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं.

चिराग पासवान ने राहुल गांधी पर बोला हमला
यह बात समझ से बाहर है कि इस यात्रा से उनका क्या लाभ होगा और प्रदेश को क्या फायदा होगा. यह बात चुनाव आयोग भी कह रहा है और हम लोग भी तय कर रहे हैं कि हर नागरिक को वोट देने का अधिकार मिले और देश का जो नहीं है, मृतक हैं उसका नाम कटना ही चाहिए. यही मांग विपक्ष की भी थी . लोजपा ( रामविलास) के नेता ने कहा कि आप अगर किसी भी संवैधानिक संस्था पर विश्वास ही नहीं कीजिएगा तो देश अराजकता में तो नहीं जा सकता. वह एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है.