गोदारा — गोल्डी गैंग में 300 से ज्यादा बदमाश ! पश्चिमी यूपी में ‘ वर्चस्व कायम करना चाहते हैं Gen- z गुर्गे
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट

बरेली में दिशा पाटनी के घर के बाहर फायरिंग के बाद यूपी एसटीएफ ने दो बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया. रोहित गोदारा के नाम से सोशल मीडिया पर इसका बदला लेने की पोस्टर वायरल हो रही है.

ग्रेटर नोएडा/ गाजियाबाद/ हैदराबाद, 19 सितंबर 2025. बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर हुई फायरिंग के बाद नोएडा एसटीएफ, दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस ने गाजियाबाद में दो बदमाशों का एनकाउंटर किया था . इस एक्शन के बाद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. गैंग के कुछ बदमाशों ने बदला लेने के लिए रोहित गोदारा के नाम से चेतावनी भरी पोस्ट वायरल की है. इसके बाद नोएडा पुलिस सक्रिय हो गई है. सूत्र बताते हैं कि रोहित गोदारा- गोल्डी बरार गैंग में 300 से अधिक गुर्गे एक्टिव है जो 18 से 25 साल के हैं. बताया जा रहा है कि इस गैंग के गुर्गे दिल्ली, गुड़गांव, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी से जुड़े हुए हैं. एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, पश्चिमी यूपी में यह गैंग ने अपना वर्चस्व कायम करना चाहता है.
दिशा पाटनी केस : गोल्डी बरार — रोहित गोदारा गैंग को यूपी में एंट्री के साथ झटका, यूरोप से बनाई थी ये योजना
उत्तर प्रदेश के बरेली सिविल लाइंस स्थित बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग मामले ने माहौल गरमा दिया है. इस मामले में गोल्डी बरार — रोहित गोदारा गैंग की संलिप्तता सामने आई है. 12 सितंबर को
दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग की घटना के 5 दिनों के भीतर 17 सितंबर की शाम दो आरोपियों को यूपी एसटीएफ, हरियाणा एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने एनकाउंटर में ढ़ेर कर दिया और
2 अन्य आरोपियों को अरेस्ट कर लिया. जबकि एक अन्य आरोपी के संबंध में पुलिस की ओर से जानकारी जुटाई जा रही है. साथ ही, यूपी में आखिर रोहित गोदारा गैंग ने क्यों एंट्री मारी ? इस सवाल के जवाब भी तलासनी की कोशिश की जा रही है. इस क्रम में जांच टीम के सामने चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं.
पहले ही घटना में लगा झटका
लॉरेंस बिश्नोई से अलग होने के बाद गोल्डी बरार और रोहित गोदारा ने मिलकर गैंग चलाना शुरु किया. पुलिस के मुताबिक, दोनों गैंगस्टर का गिरोह पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और महाराष्ट्र में सक्रिय हैं . इसके अलावा, इस गैंग की सक्रियता विदेशों में भी है. नोएडा एसटीएफ के एसपी आरके मिश्रा के मुताबिक, यूपी में इस गिरोह ने दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग कर पहली वारदात को अंजाम दिया.
सप्ताह भर के भीतर गैंग के दो बदमाशों का एनकाउंटर हो गया. यह भी सामने आ रहा है कि यूरोप से पूरी वारदात को प्लान किया गया था.
हिंदू डॉन बनने का प्रयास
लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा ने इसी साल अपनी राहें अलग की है. पुलिस सूत्रों का दावा है कि दोनों खुद को हिंदू डॉन के रूप में स्थापित करना चाहते हैं. सनातन के नाम पर युवाओं को लुभा रहे हैं. लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा की दोस्ती काफी ज्यादा रही है. दोनों ने गोल्डी बरार के साथ मिलकर तिकड़ी बनाई थी. सोशल मीडिया पर वारदातों की जिम्मेदारी लेने को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव हुआ और दोनों दोस्त से दुश्मन बन गए. अब दोनों अपने-अपने गैंग को हिंदुत्व की राह पर नंबर वन दिखाने की कोशिश में है . लॉरेंस बिश्नोई को कनाडा सरकार ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड में नामजद किया है. वहीं, बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में नाम आने के बाद लॉरेंस ने खुद को हिंदुत्व की छवि देने की कोशिश की. जबकि रोहित गोदारा ने दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पोस्ट किया. सोशल मीडिया पोस्ट में रोहित गोदारा ने हिंदू धर्म और प्रेमानंद महाराज का अपमान बर्दाश्त नहीं करने की बात लिखी. पुलिस का कहना है कि हिंदुत्व का सहारा लेकर ये गैंगस्टर युवाओं को जोड़ने की कोशिश में है.
यूरोप से बन रही रणनीति
रोहित गोदारा बीकानेर के कपूरीसर का रहने वाला है. 2010 में 19 साल की आयु में उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा. फिलहाल उस पर 32 से अधिक मामले दर्ज हैं. वह 15 बार जेल जा चुका है. जून 2022 में पवन कुमार के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाकर वह दुबई होते हुए अमेरिका भाग गया और फिर वहां से यूरोप पहुंच गया. अब रोहित गोदारा यूरोप से ही गैंग को ऑपरेट कर रहा है. उसने यूपी के युवाओं को भी ऑनलाइन भर्ती करना शुरू कर दिया है. सीआईडी को इस पर पैनी नजर रखनी होगी.