
संविधान सत्याग्रह पदयात्रा गांधीवादी है, बंदूकधारी नहीं : तुषार गांधी
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
तुषार गांधी के नेतृत्व में नागपुर से संविधान सत्याग्रह पदयात्रा शुरू हुई. पदयात्रा में महाराष्ट्र कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने जमकर निशाना साधा है.

नागपुर/ हैदराबाद, 30 सितंबर 2025. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी के नेतृत्व में दीक्षाभूमि से सेवाग्राम तक संविधान सत्याग्रह पदयात्रा का आरंभ हुआ. इस मौके पर महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा है . उन्होंने कहा कि संघ के भी रावण की तरह 10 सिर है. कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि विजयादशमी के दिन रावण के रूप में किसी व्यक्ति का दहन नहीं किया जाता बल्कि बुरी प्रवृत्ति का दहन किया जाता है. आज संघ के माध्यम से समाज व संविधान विरोधी प्रवृत्ति फैलाई जा रही है. उसके भी 10 सिर हैं और सबकी दिशाएं अलग-अलग हैं . दशहरा के दिन संघ की उस प्रवृत्ति का दहन होना चाहिए . सोमवार को सुबह 6.30 बजे दीक्षाभूमि से पदयात्रा का आरंभ हुआ जिसमें कांग्रेस नेता सुनील केदार, शहर अध्यक्ष विकास ठाकरे, पूर्व मंत्री राजेंद्र मुलक, महा विकास आघारी में शामिल घटक दल एनसीपी ( शरद ) के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख, शिवसेना उद्धव ठाकरे की नेता सुषमा अंधारे, सांसद श्याम कुमार बर्वे, अभिजीत वंजारी, नाना गावंडे, अतुल लोंढे, अश्विनी बैस, प्रफुल्ल गडधे, सहित अनेक नेता शामिल हुए. कांग्रेस नेता सपकाल ने कहा कि संविधान विरोधी संघ की प्रवृत्ति का समाज के सभी वर्गों को विरोध करना चाहिए.
‘ जन सुरक्षा ‘ नहीं दहशतवादी कानून: तुषार गांधी
सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी ने महाराष्ट्र सरकार के जन सुरक्षा कानून को दहशतवादी कानून बताया. उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ हम जन जागृति करने के लिए पदयात्रा निकल रहे हैं. देश में लोकतंत्र, सामाजिक समता एवं न्याय व्यवस्था पर हमला करने का प्रयास हो रहा है. ऐसे में सभी हालातों की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना एवं संविधान की रक्षा करने के लिए खड़ा होना आवश्यक है . तुषार गांधी ने कहा कि डॉ बाबासाहेब अंबेडकर को अभिवादन कर दीक्षाभूमि से यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं. 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन दशहरा है. संघ का शताब्दी वर्ष भी शुरू हो रहा है. लोगों को संविधान पर कैसे हमला किया जा रहा है इसकी जानकारी पहुंचाएंगे . उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, शांति और लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा के लिए यह पदयात्रा निकाली गई है.
सत्य के रास्ते तानाशाही को चुनौती : अंधारे
शिवसेना नेता सुषमा अंधारे ने कहा कि यह पद यात्रा सत्य के रास्ते चलते हुए तानाशाही को चुनौती है. आज संविधान पर कई तरह से आक्रमण हो रहा है जिसके खिलाफ लोगों को जगाना है. स्वायत्त संस्थाओं पर हो रहे कब्जे एवं लोकतंत्र पर होने वाले हमले को रोकने के लिए एक मजबूत संघर्ष खड़ा होना चाहिए.
गांधीवादी क्रांतिकारी हैं, बंदूक धारी नहीं, सेवाग्राम तक निकलेगी संविधान सत्याग्रह पदयात्रा —- तुषार गांधी
गांधीवादी संगठनों पर शहरी नक्सली होने के आरोपों को लेकर महात्मा गांधी के पौत्र तुषार गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है . उन्होंने कहा, ” गांधीवादी क्रांतिकारी हैं, बंदूकधारी नहीं. सरकार को उनसे अकारण डरने की जरूरत नहीं है. ” सोमवार को तुषार गांधी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उसी विचारधारा से जुड़े हैं, जिसने महात्मा गांधी का विरोध किया था. ऐसे में उनका विरोध करना स्वाभाविक है. तुषार गांधी ने कहा कि ” न्याय के लिए संघर्ष करना संवैधानिक अधिकार है. सामाजिक न्याय के संघर्ष में माओवादी भी एक तरह से क्रांतिकारी ही है. तुषार गांधी ने बताया कि गांधी जयंती के मौके पर नागपुर से सेवाग्राम तक संविधान सत्याग्रह पदयात्रा का यह आयोजन डॉ भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी के संयुक्त विचारों पर आधारित है. जिसमें संविधान, चुनाव प्रणाली, किसानों की आत्महत्या, महंगाई, बेरोजगारी और लोकतांत्रिक मूल्यों जैसे विषय शामिल हैं .