वो शख्स, जो नाश्ते में खा जाता है 10 किलो मिर्ची

सोशल मीडिया पर एक ऐसे शख्स की स्टोरी वायरल हो रही है, जिसे लोग इंसान मानने से इनकार कर रहे हैं. ये शख्स लाल मिर्च खाने में किंग कोई भी चीज तीखी नहीं लगती

शिलांग / हैदराबाद, 3 अक्टूबर 2025. मेघालय के घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच एक ऐसा शख्स रहता है, जिसकी स्टोरी सोशल मीडिया पर धूम मचा रही है . राम पिरतुह, पूर्वी जयंतियां हिल्स जिले के बटाव गांव के साधारण किसान हैं. लेकिन अपनी असाधारण क्षमता के कारण दुनियाभर में मशहूर हैं. जब दुनिया हेल्थ ट्रेंड्स पर चर्चा कर रही है, तब राम की पुरानी वीडियो फिर वायरल हो गई, जहां वे एक बार में 10 किलो से ज्यादा तीखी सूखी मिर्च खा जाते हैं, वो भी बिना आंसू बहाए, बिना पसीना छुड़ाए! लेकिन स्टोरी यहीं नहीं रुकती. वायरल पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राम लाल मिर्च पाउडर से प्राइवेट पार्ट्स धोते हैं और उफ्फ तक नहीं करते. क्या यह सुपर ह्यूमन पावर है या मात्र अफवाह.

सरेआम खा गए तीखी लाल मिर्च

राम पिरतुह का यह टैलेंट 2021 में चर्चा में आया, जब एक लोकल वीडियो में उन्हें मिर्च की थैलियां खाते देखा गया. फेसबुक और यूट्यूब पर लाखों व्यूज बटोरे. बस फिर क्या था. शख्स की चर्चा चारों तरफ होने लगी और लोग दूर-दूर से इस बात की सच्चाई जानने के लिए आने लगे. राम, 50 के करीब उम्र के इस किसान ने कहा, मिर्च मेरी जिंदगी का हिस्सा है. बचपन से खाता आया हूं, अब तो कोई तीखापन महसूस ही नहीं होता. वे न सिर्फ मिर्च खाते हैं, बल्कि उससे नहा भी सकते हैं.

दिया था कठिन चैलेंज
जब उनकी इस शाकिंग खूबी की चर्चा होने लगी तो कई लोग उन्हें परखने लगे. एक शो के दौरान उन्हें मिर्च के पेस्ट से नहला दिया गया . उनके प्राइवेट पार्ट्स में भी मिर्च लपेट दी गई. लेकिन आश्चर्य कि उन्हें कोई तकलीफ नहीं हुई. बटाव गांव के लोग बताते हैं राम का खाना मिर्च बेस्ड होता है– चावल, सब्जी सबमे तीखापन. राम की लाइफस्टाइल देखकर लगता है जैसे वे सुपर हीरो हों. सुबह उठते ही लाल मिर्च वाली चाय, दोपहर में मिर्च- मटन करी, शाम को रॉ चिलीज. वे कहते हैं, मिर्च मेरी दवा है — कोई बीमारी नहीं लगती.’ मेघालय के जयंतिया हिल्स में मिर्च की खेती आम है, लेकिन राम जैसा कोई नहीं है. अब एक बार फिर उनका पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.