क्या छठ के बाद होगा बिहार में चुनाव? एक या दो, कितने चरणों में करवाने की तैयारी
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ यह विशेष रिपोर्ट
इस बार चुनाव आयोग पहले ही कर चुका है कि कम चरणों में चुनाव करवाने की कोशिश होगी.
पटना/ नई दिल्ली/ हैदराबाद, 5 अक्टूबर 2025. बिहार चुनाव को लेकर शनिवार को पटना में चुनाव आयोग की एक अहम बैठक हुई थी. इस बैठक में तमाम राजनीतिक पार्टियां कम चरणों में चुनाव के लिए राजी थी . एनडीए ने मांग की कि इस चुनाव को सिर्फ एक चरण में ही संपन्न किया जाए, वहीं, विपक्ष ने कहा कि दो चरणों में चुनाव करवाना ज्यादा सही रहेगा. बड़ी बात यह रही कि सभी पार्टियों ने छठ के बाद चुनाव करवाने को लेकर एक मत दिखाई दिया.
चुनाव आयोग की बैठक में क्या बात हुई ?
बता दें कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में तीन चरणों में चुनाव हुआ था, लेकिन इस बार चुनाव आयोग पहले ही कह चुका है कि कम से कम चरणों में चुनाव करवाने की कोशिश होगी. इसी कड़ी में, बिहार दौरे के दूसरे दिन, चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 12 राजनीतिक दलों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की . बताया जा रहा है कि आज यानी रविवार को चुनाव आयोग द्वारा दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जा सकती है. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले हफ्ते के शुरुआती दिनों में ही बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है. चुनाव आयोग ने एक जारी बयान में कहा है कि पार्टियों ने मांग की है कि बिहार में चुनाव छठ के बाद होना चाहिए, जिससे वोट प्रतिशत बढ़ सके. पार्टियां यह भी चाहती है कि इस बार चुनाव कम चरणों में संपन्न करवाए जाएं . सभी दलों ने चुनाव आयोग को इस बात के लिए धन्यवाद भी दिया कि पोलिंग स्टेशनों पर अधिकतम 1200 वोटों का मानक रखा है. बैठक के दौरान महागठबंधन, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल ( आरजेडी) और सीपीआई
( एमएल ) शामिल हैं, ने दो चरणों में चुनाव करवाने की बात की. इसके अलावा, यह मांग भी रखी गई कि चुनाव आयोग उन 3.66 लाख लोगों का नाम जारी करें, जिन्हें वोटर लिस्ट से हटाया गया है. उनके हटाए जाने के कारण भी स्पष्ट किए जाने की अपील की गई.
राजद ने क्या मांग की है ?
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा, ” हमारी तरफ से दो चरणों में चुनाव करवाने की मांग की गई है. हमने इस बात पर भी चिंता जताई है कि एस ए आर को लेकर चुनाव आयोग पूरी तरह से पारदर्शी नहीं है और अभी तक वोटर लिस्ट से हटाए गए नाम का स्पष्ट कारण नहीं मिला है. हम चुनाव आयोग से अपील करते हैं कि वह तुरंत इलेक्टोरल फोटो आईडेंटिटी कार्ड नए वोटरों के लिए जारी करें. ” उन्होंने यह भी कहा, ” नीतीश कुमार द्वारा लगातार चुनाव से ठीक पहले कई घोषणाएं की जा रही है, और कुछ अधिकारियों को बिना कारण ट्रांसफर किया जा रहा है. ” बैठक में कांग्रेस के चार सदस्यों ने भी हिस्सा लिया था, जिसका नेतृत्व बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम कर रहे थे. मीटिंग के बाद उन्होंने कहा, ” सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, चुनाव आयोग को हर बूथ की जानकारी देनी होगी कि कितने वोटरों को हटाया गया और कितने वोटरों को जोड़ा गया. चुनाव आयोग को उन बूथों की भी पहचान करनी चाहिए, जहां पर सबसे अधिक वोटर डिलीट हुए हैं, और यह भी देखना चाहिए कि कहीं महिलाओं और शोषित वर्ग के मतदाताओं को तो नहीं हटाया गया है. ” इसके अलावा, कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि वोट प्रतिशत समय-समय पर अपडेट किया जाना चाहिए, और इसमें इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल होना चाहिए, जिससे बिना किसी कारण के या अचानक से वोटिंग प्रतिशत में इजाफा न दिखाई दे. जबकि एनडीए की तरफ से, जनता दल यूनाइटेड और बीजेपी ने भी एक ही चरण में चुनाव करवाने की बात की. जदयू ने तो यह भी अपील की है कि पार्लियामेंट्री फोर्सेज को सभी मतदान केंद्रों पर तैनात किया जाए.