कितने फेज में बिहार विधानसभा चुनाव ? प्रेस वार्ता में सीईसी ज्ञानेश कुमार ने ये कहा
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के लिए चुनाव आयोग की 16 सदस्यीय टीम ने पटना में 2 दिन रहकर प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक दलों से मुलाकात की . पत्रकार वार्ता में, चुनाव आयुक्त ने चुनाव कितने चरणों में होंगे, इस सवाल पर कहा कि आयोग जल्द फैसला लेगा.
पटना/ हैदराबाद, 5 अक्टूबर 2025. बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर इलेक्शन कमिशन की 16 सदस्यीय टीम 2 दिन से पटना मे थी. अलग-अलग डिपार्टमेंट से जुड़े अफसरों के साथ मीटिंग की. राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी सुझाव मांगे. बाद में पत्रकार वार्ता में कई सवालों का जवाब दिया . इसी दौरान पत्रकारों ने पूछा कि बिहार में कितने चरण में चुनाव कराए जाएंगे? इसके जवाब में चुनाव आयुक्त ने कहा कि आयोग इस पर जल्द ही निर्णय लेगा. उन्होंने इस मामले पर कुछ भी साफ-साफ नहीं कहा. हालांकि, बिहार की ज्यादातर राजनीतिक दलों ने एक या दो फेज मे चुनाव कराने की मांग की .
राहुल गांधी के आरोपों पर सीईसी का जवाब
राहुल गांधी के आरोपों पर बिना नाम लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव के बाद
एसआईआर कराया जाए, इस चुनाव के बाद होना चाहिए, ये न्याय संगत नहीं है. जब हमारे बीएलओ ने घर – घर जाकर फॉर्म भरवाए तो सभी राजनीतिक दलों, सभी बूथ लेवल एजेंट्स को अपने दावे और आपत्ति देने की पूर्ण स्वतंत्रता थी. ये कार्य 1 सितंबर को पूर्ण हुआ. इसके लिए अखबारों तक में विज्ञापन तक दिए गए. इसमें ना तो बहुत अधिक दावे आए और ना आपतियां आई. इसमें अगर कुछ आया भी तो नाम कटवाने के लिए क्योंकि इस बात की जागरूकता फैलाई जा चुकी थी कि अगर दो जगह नाम है तो एक ही जगह वोट करें. अभी भी समय है, अगर किसी भी पार्टी को लगता है कि कोई योग्य मतदाता छूट गया है या लिस्ट में कोई आरोग्य मतदाता है तो अभी भी वो दावे या आपत्तियां दे सकते हैं. अभी समय बाकी है.
आधार कार्ड से जुड़े सवालों पर ये कहा
वहीं, आधार कार्ड से जुड़ी सवालों का जवाब भी सीईसी ने दिया. उन्होंने कहा कि आधार कार्ड, आधार एक्ट के तहत ना तो जहां आप रहते हैं इसका प्रमाण होता है और न ही नागरिकता का प्रमाण होता है. किसी ने भी 2023 के बाद अपना आधार बनवाया हो या 2023 के बाद डाउनलोड किया हो तो सुप्रीम कोर्ट भी कहता है कि आधार जन्मतिथि का प्रमाण है. हालांकि, आधार ना तो जन्मतिथि का प्रमाण माना जा सकता है, न नागरिकता और ना ही रहने की जगह का. हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए आधार कार्ड ले रहे हैं . आधार के साथ पात्रता के लिए तय किए गए बाकी दस्तावेज भी जरूरी है.
22 नवंबर से पहले हो जाएंगे चुनाव
साथ ही, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जानकारी दी कि बिहार में 22 नवंबर से पहले विधानसभा चुनाव संपन्न होंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि 22 नवंबर तक बिहार विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है. उसके पहले ही राज्य में चुनाव संपन्न होंगे. पटना में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान सीईसी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में 243 विधानसभा क्षेत्र हैं . इसमें दो सीटें एसटी और 38 सीटें एससी वर्ग के लिए आरक्षित है. उन्होंने बताया कि पूरी चुनाव आयोग की टीम दो दिनों से बिहार में हैं . सबसे पहले चुनाव आयोग ने बिहार की सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक की . इसके अलावा, बिहार के सभी जिला अधिकारी, एसपी, एसएसपी, आईजी, और डीआईजी, पुलिस कमिश्नर और सभी प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों, नोडल अफसरों, मुख्य चुनाव अधिकारी बिहार, स्टेट पुलिस नोडल अधिकारियों और सीएपीएफ के नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की गई. बिहार के मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य सचिवों के साथ भी बैठक की गई.