ज्योति के बहाने पवन सिंह का’ पॉवर ‘ ऑफ करने की ताक में आरजेडी !

भोजपुर, रोहतास, बक्सर, औरंगाबाद से बेचैनी का असर. भोजपुरी के पॉवर स्टार पवन सिंह का पॉवर ही ऑफ करने की तैयारी की गई है? क्या ज्योति सिंह के पीछे आरजेडी का हाथ है ? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि कुछ खास सीटों पर पवन सिंह के चलते बीजेपी को राजद को पटखनी देने का मौका मिल सकता है.

पटना/ लखनऊ/ आरा / हैदराबाद, 10 अक्टूबर 2025. क्या भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह के घरेलू विवाद को अब राजनीतिक कारणों से उछाला जा रहा है ? क्या कोई राजनीतिक दल अपने हित के लिए ज्योति सिंह को पवन सिंह के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है? ये तो तय है कि जब से पवन सिंह के बीजेपी में दोबारा आने का रास्ता तैयार हुआ है तब से भोजपुर, रोहतास, भभुआ, बक्सर और औरंगाबाद जिले की राजनीति में खलबली मच गई है. राजपूत — कुशवाहा के नए समीकरण की संभावना से आरजेडी, कांग्रेस और भाकपा ( माले ) की नींद उड़ गई है. उनके सामने सबसे बड़ा सवाल ये है कि अब पवन सिंह को कैसे काबू में किया जाए. क्या इसी कोशिश में पवन सिंह की छवि को बर्बाद करने के लिए ज्योति सिंह को आगे किया गया है? ज्योति सिंह ने खुद दावा किया है कि वे पिछले 1 साल से राजद के संपर्क में हैं और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है .

2 महीना पहले ज्योति सिंह किया तीन सीटों पर जनसंपर्क
अगस्त 2025 की बात है. ज्योति सिंह ने काराकाट, नबीनगर और डिहरी में जनसंपर्क अभियान चलाया था. ये राजपूत बहुल विधानसभा क्षेत्र हैं. जो काराकाट लोकसभा क्षेत्र में आती है . ज्योति सिंह ने घर-घर जाकर इस क्षेत्र के लोगों से बात की थी. उस समय भी पवन सिंह और ज्योति सिंह के बीच तलाक का मामला कोर्ट में विचाराधीन था. लेकिन तब ज्योति सिंह ने पवन सिंह के बारे में न तो कोई घटिया आरोप लगाया था और ना ही मीडिया में रो – रो कर अपनी बात कही थी. उस समय चर्चा थी कि ज्योति सिंह काराकाट, नबीनगर या डिहरी में से किसी एक सीट पर चुनाव लड़ सकती हैं . लेकिन कराकाट सीट उनकी खास पसंद थी. दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव के समय जब पवन सिंह यहां से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे तब उनके प्रचार में ज्योति सिंह भी आई थी. प्रचार के दौरान उन्हें पवन सिंह की पत्नी होने की वजह से खासी अहमियत मिली थी. इसलिए अब ज्योति सिंह काराकाट को अपने लिए अनुकूल सीट मान रही है.

अपने बलबूते राजनीति की कोशिश

पिछले अगस्त में जब ज्योति सिंह काराकाट में जनसंपर्क कर रही थी. तब वे स्वतंत्र राजनीतिक छवि बनाने की कोशिश कर रही थी. वे चाहती थी कि लोग उन्हें पवन सिंह की पत्नी के रूप में नहीं बल्कि एक समाजसेवी के तौर पर जानें. उन्होंने खुद को इस क्षेत्र की बेटी बताया था. वे खुद के बल पर अपने को राजनीति में स्थापित करने की कोशिश कर रही थी. उन्होंने एक नेता की तरह शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर खुलकर बात रखी थी. उन्होंने काराकाट में महिलाओं के साथ कई बैठकें की थी.

ज्योति सिंह की राजनीतिक महत्वाकांक्षा

लखनऊ में हुए विवाद के पहले ही यह साफ हो गया था कि ज्योति सिंह ने राजनीतिक महत्वाकांक्षा है और वह चुनाव लड़ना चाहती है. लखनऊ की घटना के बाद पवन सिंह और ज्योति सिंह, दोनों ने राजनीतिक बयान दिए. पवन सिंह का आरोप है कि ज्योति सिंह विधायक बनने के लिए यह ड्रामा कर रही हैं . दूसरी तरफ ज्योति ने कहा कि पवन सिंह ने मेरा इस्तेमाल किया फिर छोड़ दिया. लोकसभा चुनाव के समय अपनी छवि बनाने के लिए पवन सिंह ने दोबारा मेरे मांग में सिंदूर भरी थी. चुनाव खत्म हुआ तो मुझे छोड़ दिया. अगर मुझे काराकाट से टिकट मिलता है तो मैं जरूर चुनाव लडूंगी.

पवन सिंह– ज्योति की शादी और विवाद

पवन सिंह और ज्योति की शादी मार्च 2018 में हुआ था. पवन आरा के रहने वाले हैं और ज्योति उत्तर प्रदेश के बलिया की. शादी के समय पवन भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार थे. लेकिन ज्योति सिंह लाइमलाइट से दूर रहती थी. ज्योति सिंह ने जब पवन सिंह के खिलाफ घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत 2021 में दर्ज करा दी. इससे खफा होकर पवन सिंह ने 2022 में आरा की अदालत में तलाक का मुकदमा कर दिया. पवन सिंह के मुताबिक, ज्योति सिंह ने बलिया कोर्ट में गुजारा भत्ता के लिए अर्जी दाखिल कर रखी है अर्जी में ज्योति सिंह ने अपने भरण पोषण के लिए पवन सिंह से 2 लाख रुपए प्रतिमा की मांग की है.