ईब नदी पर अधूरा पुल से जनता परेशान

झारसुगुड़ा / हैदराबाद, 11 अक्टूबर, 2025. ब्रजराजनगर को जिला मुख्यालय झारसुगुड़ा से जोड़ने वाली परियोजना ईब नदी पर जमेरा के समीप बन रहा पुल बीते कई वर्षों से अधूरा निर्मित पड़ा है. लंबे समय से विलंबित पुल निर्माण कार्य का मुख्य वजह है, अनुमानित लागत खर्च मंजूर नहीं होना. सूत्र बताते हैं कि संबंधित अधिकारियों द्वारा नए टेंडर फाइल को रोके रखना है जिससे परियोजना ठप पड़ा हुआ है. खबर है कि लोक निर्माण विभाग ( सड़क और भवन ) के कार्यकारी अभियंता द्वारा क्लोजर प्रस्ताव भेजे जाने के बाद बीते 29 मई को पहले टेंडर को रद्द कर दिया गया था. सूत्रों का कहना है कि बाकी कार्य को पूरा करने के लिए नया टेंडर जारी करने की प्रक्रिया मुख्य अभियंता के अनुमोदन की प्रतीक्षा में है. अधिकारियों के मुताबिक, यह परियोजना कब पूरी होगी, यह तो नए टेंडर की मंजूरी पर ही निर्भर करता है. दरअसल, ईब नदी पर इस ऊंचे पुल की निर्माण कार्य वर्ष 2018 में शुरू हुई थी और इस पर 49.01 करोड़ की लागत से 630 मीटर लंबे और 18 स्पेन वाले इस पुल का निर्माण कार्य बालाजी इंजीकॉन्स प्रा. लि. को सौंपा गया था. लेकिन कोविड महामारी से पहले शुरू हुआ निर्माण कार्य को लॉकडाउन आउट शटडाउन के चलते बंद करना पड़ गया लेकिन बाद में निर्माण कार्यों के सामग्री के मूल्यों में भारी इजाफा होने से कंपनी ने संशोधित लागत की मांग की और निर्माण कार्य को रोक दिया. हालांकि, परियोजना कार्य 17 मार्च 2021 तक पूरा होने को था, लेकिन अब तक सिर्फ 50% काम ही हो सका है और इस पर अब तक 19 करोड रुपए खर्च हो चुके हैं, शेष कार्य के लिए अब लगभग 60 करोड रुपए की नई लागत लगने की अनुमान है. जमेरा के निकट यह पुल निर्मित होने से झारसुगुड़ा प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों से ब्रजराजनगर की दूरी बहुत कम हो जाएगी और राष्ट्रीय राजमार्ग — 49 पर स्थित पुराने जर्जर पुल से यातायात का दबाव भी कम होगा.
कहते हैं कि इस पुल के बनजाने से ब्रजराजनगर के निकट रामचंडी मंदिर जैसे पर्यटन स्थल तक पहुंच भी आसान होगी एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.