महागठबंधन में जारी है कलह

मधुबन सीट से पिछला चुनाव मामूली अंतर से हार चुके मदन प्रसाद साह टिकट नहीं मिलने की खबर सुनते ही रोने लगे. उन्होंने गुस्से में अपने कपड़े फाड़ डाले और सड़क पर लोटने लगे.

पटना/ हैदराबाद, 20 अक्टूबर 2025 . बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने में अब केवल एक दिन शेष है, लेकिन महागठबंधन ( इंडिया) के भीतर असंतोष और मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. राष्ट्रीय जनता दल ( आरजेडी ) और कांग्रेस दोनों प्रमुख घटक दलों में टिकट वितरण को लेकर नाराज दावेदारों ने नेतृत्व पर टिकट बेचने तक के आरोप लगा दिए हैं. 6 सहयोगी दलों वाले इस बहुदलीय गठबंधन ने अब तक मुख्यमंत्री पद के चेहरे और सीट बंटवारे का अंतिम फार्मूला भी स्पष्ट नहीं किया है. इस बीच राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव अपने आवास पर लगातार प्रत्याशियों को पार्टी का चुनाव चिन्ह दे रहे हैं, जिससे संगठन के भीतर असंतोष और बढ़ गया है. आरजेडी महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल ने पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी के खिलाफ स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में परिहार सीट से नामांकन करने की घोषणा कर दी है. उन्होंने फेसबुक पर किए गए पोस्ट में भावनात्मक अंदाज में लिखा कि परिहार सीट से आरजेडी प्रत्याशी स्मिता पूर्वी के ससुर रामचंद्र पूर्वे 2020 के चुनाव में उनकी हार के लिए जिम्मेदार थे. रामचंद्र पूर्वे पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं.

कुर्ता फाड़ जमीन पर लेटे नेताजी, राबड़ी के घर लालू से मिलने की मांग

बिहार चुनाव को लेकर हलचल तेज है. इस चुनाव में कुछ ऐसे प्रत्याशी भी हैं जो टिकट नहीं मिलने पर या टिकट काटे जाने पर प्रदर्शन भी कर रहे हैं. रविवार को पटना में ऐसे ही नाराज नेताजी प्रदर्शन करते नजर आए. टिकट नहीं मिलने से नाराज राजद के वरिष्ठ नेता मदन साह ने पटना स्थित राबड़ी आवास के बाहर प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन के दौरान उनका कुर्ता फटा था और वो वहीं जमीन पर लेट गए. कुर्ता फाड़कर रावड़ी आवास के बाहर जमीन पर लेटे मदन साह मधुबन विधानसभा सीट से राजद के टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे. लेकिन इस सीट से जब उन्हें पार्टी ने टिकट नहीं दिया तब वो अचानक राबड़ी आवास के बाहर पहुंच गए. वो यहां रोते — बिलखते नजर आए. मदन साह ने यह भी आरोप लगाया कि राजद ने उनसे टिकट के बदले पैसे मांगे थे लेकिन जब उन्होंने पैसे नहीं दिए तब पार्टी ने उनका टिकट काटकर संतोष कुशवाहा को दे दिया और उनसे पैसे ले लिए.


महागठबंधन में कुछ भी ठीक नहीं, कांग्रेस की सीटों पर आरजेडी उतार रही प्रत्याशी
रावड़ी आवास के बाहर फूट– फुट कर रो रहे मदन साह का आरोप था कि टिकट के बदले उनसे 2 करोड़ 70 लाख रुपए मांगे गए. मदन साह ने कहा कि भरोसा अब टूट गया है . लालू जी गरीबों के मसीहा और भगवान हैं, मेरे भी गार्जियन है. जिस तरह लालू प्रसाद यादव ने पार्टी नहीं बदली इस तरह हम भी पार्टी नहीं बदले .

लालू यादव से मिलने पर अड़े

मदन साह कहते हैं कि हम
मर जाएंगे लेकिन यहां से नहीं जाएंगे. हमको उनसे मिलवा दीजिए. फटे हुए कुर्ते में राजद नेता मदन साह कभी जमीन पर लेट जाते तो कभी उठकर रोने लगते हैं. राबड़ी आवास पर मौजूद उनके परिजनों को अब यह डर सता रहा है कि कहीं उनकी तबीयत ना बिगड़ जाए.