कूड़ेदान में फेंक देंगे वक्फ बिल

तेजस्वी यादव ने कहा है कि वक्फ संशोधन बिल बीजेपी वालों ने बनाया और नीतीश कुमार ने उसे समर्थन किया. हमारी सरकार बनेगी तो उस संशोधन बिल को कूड़ेदान में डालने का काम करेंगे.

कटिहार/ पटना/ हैदराबाद, 27 अक्टूबर, 2025. नेता प्रतिपक्ष और महागठबंधन के सीएम फेस प्रत्याशी तेजस्वी यादव ने वक्फ संशोधन बिल पर बड़ा बयान दिया है. कटिहार की चुनावी जनसभा में समर्थकों को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी सरकार बनी तो वक्फ संशोधन बिल को कूड़ेदान में डाल देंगे. इससे पहले शनिवार को उनकी पार्टी के एमएलसी कारी सुहेब ने भी ऐसा ही बयान दिया था. देसी यादव के इस बोल पर बिहार की सियासत सुलग गई है . बीजेपी और जदयू के नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा है कि तेजस्वी यादव खुद को पार्लियामेंट से भी ऊपर समझ रहे हैं. दरअसल, कटिहार के प्राणपुर में तेजस्वी यादव एक चुनावी रैली संबोधित कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन बिल बीजेपी वालों ने बनाया और नीतीश कुमार ने समर्थन दिया. हमारी सरकार बनेगी तो उसे बिल को कूड़ेदान में डालने का काम करेंगे. इसके पहले भी तेजस्वी यादव ऐसा बोल चुके हैं. सीमांचल का प्राणपुर इलाका मुस्लिम बहुल है. 2020 के चुनाव में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने 5 सीटों पर जीत दर्ज कर लिया था और राजद को भारी नुकसान हुआ था. इस बार फिर ओवैसी ने आक्रामक एंट्री ले ली है. यही वजह है कि राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपने वोटो में बिखराव को रोकने के लिए ऐसा बयान दिया है. तेजस्वी यादव के बयान पर बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा है कि वक्फ संशोधन बिल संसद से पास होकर कानून का रूप ले चुका है. इसमें सांसद ही कुछ बदलाव कर सकता है. इस मूर्खता पर क्या कहा जा सकता है. तेजस्वी बिहार की जनता को गुमराह कर रहे हैं. वहीं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा है कि ना उनकी सरकार बनेगी ना ऐसा कुछ कर पाएंगे. जबकि प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि गरीब तबके के मुसलमानों के लिए केंद्र सरकार ने वक्फ संशोधन कानून बनाया. तेजस्वी यादव नहीं चाहते कि गरीब मुसलमानों का भला हो. जबकि जदयू नेता अरविंद निषाद ने कहा कि चुनावी लाभ के लिए आपाधापी में दिया गया यह बयान है. उनके माता-पिता के राज में अल्पसंख्यकों का इस्तेमाल वोट बैंक के रूप में किया गया. फिर से उनका वोट बटोरने की रणनीति के तहत तेजस्वी यादव ऐसा बयान दे रहे हैं. वे मुस्लिम मतदाताओं को सब्जबाग दिखा रहे हैं. लेकिन, मकसद में कामयाब नहीं होंगे.