चुनाव से पहले 26 नेताओं निर्विरोध निर्वाचित

10 प्रदेशों की 37 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में 7 प्रदेशों के 26 प्रत्याशी बिना मुकाबले ( निर्विरोध निर्वाचित हो गए. इनमें एनसीपी ( शरद ) प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं.


नई दिल्ली, 10 मार्च 2026. हालांकि, कई राज्यों में विपक्षी दलों ने प्रत्याशी नहीं उतारे, जिसके कारण यह नेता बिना चुनाव के ही राज्यसभा पहुंच गए हैं. लेकिन बिहार, ओड़िशा और हरियाणा की 11 सीटों पर मुकाबला होना तय है . इन प्रदेशों में अतिरिक्त प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरने के कारण चुनाव कराया जाएगा.

11 सीटों के लिए अब 14 प्रत्याशी मैदान में
नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख के बाद बिहार की 5,ओड़िशा की 4 और हरियाणा की 2 सीटों पर मतदान 16 मार्च को होंगे. इन चुनावों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा पहुंचने की संभावना तय मानी जा रही है . कुल 10 प्रदेशों की 37 सीटों के लिए 40 से प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था . अब 11 सीटों के लिए 14 प्रत्याशी मैदान में है जिसके कारण बिहार, ओड़िशा और हरियाणा में एक 1–1 सीट पर मुकाबला होगा. जेडीयू के जिन 2 नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उन में राज्यसभा की उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का नाम है. मुख्यमंत्री के करीबी होने के चलते चर्चा है कि उन्हें एक बार फिर से रिपीट किया जा सकता है. जबकि चिराग पासवान अपनी मां रीना पासवान के लिए राज्यसभा से एक सीट की मांग कर रहे हैं.

राज्यसभा चुनाव लड़ने को विपक्ष भी तैयार, तेजस्वी ने की बैठक
विपक्ष भी राज्यसभा चुनाव लड़ने को तैयार हो रहा है. महागठबंधन के पास जीतने के लिए बिहार में विधायकों की संख्या (41) नहीं है. यह देखते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बीएसपी के 1 और एआईएमआईएम के 5 विधायकों को साथ लाने के लिए समूचे विपक्ष की मीटिंग की है. अब देखना है कि ऊंट किस करवट बैठता है.