
दिवंगत काशीराम को मिले ‘ भारत रत्न ‘, राहुल गांधी के मंच से प्रस्ताव, बीजेपी बोली, ‘ जब तक’…

समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट
कांग्रेस द्वारा आयोजित मान्यवर काशीराम जयंती पर आयोजित सामाजिक परिवर्तन दिवस कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में बसपा संस्थापक दिवंगत काशीराम को मरणोपरांत ‘ भारत रत्न ‘ देने का प्रस्ताव पारित किया गया. इस पर भाजपा ने तीखी प्रक्रिया दी है.
लखनऊ, 14 मार्च 2026. शुक्रवार 13 मार्च लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कांग्रेस द्वारा आयोजित सामाजिक परिवर्तन दिवस के अवसर पर पारित एक प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि केंद्र में कांग्रेस की सरकार आई, तो दिवंगत नेता काशीराम को भारत रत्न सम्मान दिया जाएगा.
राहुल गांधी की मांग और बीजेपी की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने कहा कि काशीराम ने सामाजिक समानता के लिए काम किया और अगर उनकी पार्टी पहले ठीक से काम करती, तो काशीराम को अलग संघर्ष की जरूरत नहीं पड़ती. राहुल गांधी ने कहा, अगर नेहरू जीवित होते तो काशीराम यूपी के मुख्यमंत्री होते. वहीं, भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की इस मांग को ‘ नॉनसेंस ‘ और वोट बैंक की राजनीति बताया है . भाजपा विधायक राज सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी की बातों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है और वे इतिहास से अनभिज्ञ हैं. बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने काशीराम को उचित सम्मान नहीं दिया और अब दलित वोट बैंक के लिए यह नाटक कर रही है.
इसके राजनीतिक निहितार्थ
इसे 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. दरअसल, 15 मार्च को बीएसपी के संस्थापक काशीराम की जयंती है. इससे पहले अप की सियासत तेज हो गई है.
बता दें कि 15 मार्च को दलितों के बड़े नेता काशीराम की जयंती मनाई जाती है. उन्हें ‘ मान्यवर ‘ नाम से सम्मान के साथ याद किया जाता है.