
नीतीश कुमार की संसदीय पारी शुरू, राज्यसभा एमपी के रूप में ली शपथ

समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट
नीतीश कुमार का राज्यसभा सदस्य बनाना बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है. उनके राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय होने से राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है.वहीं इंडिया के भीतर नए सीएम को लेकर मंथन तेज हो गया है.
नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026. बिहार की सियासत के लिए शुक्रवार( 10 अप्रैल) का दिन एक बड़े और ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बना है. लंबे समय तक सूबे की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार आज ही राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली है. शपथ लेने से पहले नीतीश कुमार संसद भवन में राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा से मुलाकात की. इसी के साथ नीतीश उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं जो चारों सदन, यानी विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे. राज्यसभा के सभापति सीपी
राधाकृष्णन उन्हें उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार आज ही देर शाम दिल्ली से पटना लौट आएंगे, इसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा, ‘ नीतीश कुमार जी देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं . सुशासन को लेकर उनकी प्रतिबद्धता की हर तरफ सराहना हुई है. उन्होंने बिहार के विकास में अमिट योगदान दिया है. उन्हें एक बार फिर संसद में देखना बहुत सुखद होगा . सांसद, केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्होंने कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव से संसद की गरिमा और बढ़ेगी.
राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने पर उन्हें हार्दिक बधाई और आगे के कार्यकाल के लिए ढेरों शुभकामनाएं.
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के साथ ही बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस गहरा गया है . इस बीच नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण से पहले पटना स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर सम्राट चौधरी को बिहार का नया सीएम घोषित करने वाले पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों में से कुछ को पार्टी कार्यालय के कर्मचारियों ने हटा दिया जिन पर ‘ वाल्मीकि समाज’ का नाम लिखा था. शुक्रवार को ही बीजेपी ने नई सरकार के स्वरूप और नेतृत्व को लेकर दिल्ली में ‘ कोर ग्रुप’ की बड़ी बैठक बुलाई. इस बैठक में बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व बिहार के प्रमुख नेताओं के साथ विमर्श और मंथन करेगा. बिहार के दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं. सूत्र बताते हैं कि 14 अप्रैल को एनडीए विधायक दल की पटना की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है. नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद 30 मार्च को ही बिहार विधान परिषद ( एमएलसी) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था . इस बीच प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया है कि बिहार में बनने वाली एनडीए की नई सरकार पिछले 20 वर्षों से चल रहे ‘ नीतीश मॉडल’ पर ही काम करेगी.