आरएसएस शताब्दी पर विज्ञापनों में 76 लाख सरकारी खर्च

नई दिल्ली, 16 अप्रैल 2026. देश के जाने-माने पत्रकार एवं विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता विजय शंकर चतुर्वेदी ने एक महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए बताया है कि उन्हें सूचना के अधिकार( आरटीआई ) के तहत मिली जानकारी में संस्कृति मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ( आरएसएस ) के शताब्दी वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिए गए विज्ञापनों में 76 लाख 13 हजार 129 रुपए खर्च किए जाने की पुष्टि हुई है. विजय शंकर चतुर्वेदी के मुताबिक, यह जानकारी पारदर्शिता के दृष्टि कौन से अत्यंत महत्वपूर्ण है और इससे यह स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक धन का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे खर्चो के संबंध में स्पष्ट नीति और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि आम जनता के पैसे का उपयोग पूर्णत: जनहित में हो. यह जानकारी उन्हें आरटीआई आवेदन के जवाब में संस्कृति मंत्रालय के akam सचिवालय, नई दिल्ली द्वारा 13 अप्रैल 2026 को जारी पत्र में दी गई. आवेदन के जवाब में बताया गया कि यह राशि विभिन्न प्रिंट मीडिया में प्रकाशित विज्ञापनों पर खर्च की गई. चतुर्वेदी ने बताया कि लोकतंत्र में सूचना का अधिकार नागरिकों को सशक्त बनाता है और इस तरह के खुलासे से शासन व्यवस्था में पारदर्शिता को मजबूती देते हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस विषय पर व्यापक जन- चर्चा होनी चाहिए, ताकि भविष्य में सरकारी व्यय को लेकर स्पष्ट दिशा – निर्देश तय किया जा सकें. पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि आवेदक संतुष्ट नहीं है, तो वह प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है. हालांकि, यह मामला अब सार्वजनिक बहस का विषय बनता जा रहा है, जहां सरकारी खर्च की प्राथमिकताओं और उसकी पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं.