हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो चीफ देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट.
हैदराबाद,31 दिसंबर,2023. लोकसभा चुनाव के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति और भाजपा के लिए भी समान रूप से महत्वपूर्ण है. विधानसभा चुनावों से पहले कुछ उपचुनावों और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनावों में जीत हासिल करने के बाद भाजपा एक समय भारत राष्ट्र समिति के लिए एक प्रमुख चुनौती बनकर उभरी थी क्योंकि भाजपा का वोट शेयर दोगुना होकर लगभग 14% हो गया. अपनी गारंटियों के दम पर कांग्रेस ने राज्य के गठन के बाद तेलंगाना में पहली बार अपनी सत्ता स्थापित करने मेंसफलता पाई है, लेकिन अब आगामी लोकसभा चुनाव में भी पार्टी अपना दम रख पाती है या नहीं यह सबसे बड़ा सवाल बनकर सामने आ रहा है.+ कांग्रेस के लिए पैठ बनाकर रखना बड़ी चुनौती + दरअसल, कांग्रेस ने 2023 में शक्तिशाली भारत राष्ट्र समिति को मात देकर तेलंगाना में अपनी पहली सरकार बनाई है. वहीं, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा है कि वह अपना काम पूरा करेंगे और पार्टी इसी गति से काम करते हुए लोकसभा चुनाव में भी विजयी होगी. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मात खाने वाली पार्टी के तेलंगाना में सफल प्रदर्शन के बाद रेड्डी को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि कांग्रेस को मजबूत करने के लिए लोकसभा चुनाव में 17 संसदीय क्षेत्र में से अधिक से अधिक सीटें मिलें. भाजपा और बीआरएस के बीच होगी टक्कर + लोकसभा चुनाव केसीआर के नेतृत्व वाली भारत राष्ट्र समिति और भाजपा के लिए भी समान रूप से महत्वपूर्ण है . भारत राष्ट्र समिति 2023 विधानसभा चुनाव का पासा पलटने की कोशिश करेगी, वहीं भाजपा दक्षिण में बेहतर प्रदर्शन करने की अपनी योजना के तहत राज्य में और अधिक पैठ बनाने का लक्ष्य रखेगी. 2019 के चुनावों में, टीआरएस ने 9 सीटें जीती थी. बीजेपी ने 4 और कांग्रेस ने 3 सीटें जीती थी. भारत राष्ट्र समिति की सहयोगी एआइएमआइएम को भी एक सीट मिली थी. चुनावी गारंटी पूरा कर रही कांग्रेस दिसंबर 2023 में सत्ता में आने के बाद तुरंत बाद , कांग्रेस सरकार ने राज्य द्वारा संचालित आरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्ती यात्रा और गरीबों के लिए 10 लख रुपए की स्वास्थ्य योजना के कार्यन्वयन की घोषणा की थी, जो कांग्रेस की 6 चुनावी गारंटी का हिस्सा है. हालांकि, कुछ गारंटियों को पूरा करने के लिए भारी वित्तीय लागत की आवश्यकता है, जो नए साल के बाद पूरा करने की कांग्रेस की कोशिश रहेगी.