ओपीएस के लिए गठित नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन( एनजेसीए ), की संचालन समिति के वरिष्ठ सदस्य तथा ए आई डी ई एफ के महासचिव सी. श्रीकुमार ने कहा है कि स्ट्राइक नोटिस और अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर इस माह अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा. मार्च में देशभर के सरकारी कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो सकती. हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो चीफ देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट.
नई दिल्ली/हैदराबाद,7 जनवरी, 2024. केंद्र एवं राज्य सरकारों के कर्मचारी संगठन, पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं. इस हड़ताल के लिए देश के दो बड़े कर्मचारी संगठन, रेलवे और रक्षा (सिविल ) ने अपनी सहमति दे दी है. स्ट्राइक बैलेट में रेलवे के 11 लाख कर्मचारियों में से 96% कर्मचारी ओपीएस लागू न करने की स्थिति में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए तैयार है . इसके अलावा रक्षा विभाग ( सिविल ) के चार लाख कर्मचारियों में से 97% कर्मचारी हड़ताल के पक्ष में है . कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि जनवरी 8 तारीख को यानी सोमवार को हड़ताल की तिथि तय की जाएगी . इससे पहले 8 जनवरी यानी कल देश भर के सरकारी कर्मचारी, रिले हंगर स्ट्राइक पर बैठेंगे. ओपीएस के लिए गठित नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन ( एनजेसीए ) की संचालन समिति के वरिष्ठ सदस्य तथा ए आई डी ई एफ के महासचिव सी. श्रीकुमार ने बताया, स्ट्राइक नोटिस और अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर इस माह अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा. मार्च में देशभर के सरकारी कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो सकती है. इस हड़ताल की स्थिति में रेल थम जाएगी और रक्षा क्षेत्र के उद्योगों में कामकाज बंद हो जाएगा. केंद्र ही नहीं, बल्कि राज्यों में भी सरकारी कामकाज प्रभावित होगा. इससे पहले केंद्र और राज्य सरकार के विभागों, संगठनों एवं प्रतिष्ठानों के सामने 8 जनवरी( सोमवार) से 11 जनवरी तक रिले हंगर स्ट्राइक होगी. विभिन्न कर्मचारी संगठन, भूखे रहकर सरकार से पुरानी पेंशन बहाली की मांग करेंगे. रिले हंगर स्ट्राइक में एक निर्धारित समय के बाद कर्मचारियों की दूसरी टोली, भूख हड़ताल स्थल पर पहुंचेंगी. बाद में जेएफआर – ओपीएस की बैठक होगी. उसमें संयोजक शिव गोपाल मिश्रा सहित केंद्र व राज्य सरकारों के कर्मचारी संगठनों के अनेक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे . उसे बैठक में राष्ट्रियव्यापी हड़ताल की तिथि तय होने के बाद सरकार को अवगत कराया जाएगा. कैबिनेट सचिव को जेएफआर – ओपीएस के निर्णयों की जानकारी देने के लिए पत्र जारी होगा . देश में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर केंद्र एवं राज्यों के सरकारी कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं. इस मांग को लेकर दिल्ली और दूसरे प्रदेशों में कई रैलियां हो चुकी है. कर्मचारी संगठनों की एक ही मांग है, गारंटी कृत पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली. केंद्र सरकार ने इस बाबत एक कमेटी का गठन किया है . हालांकि, उसमें ओपीएस का कहीं भी जिक्र नहीं है. कमेटी केवल एनपीएस में सुधार को लेकर अपनी रिपोर्ट देगी . पिछले संसद सत्र में लोकसभा सदस्य नवकुमार सरनिया, दीपक बैज और कृपाल बालाजी तुमाने द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया था कि ओपीएस बहाली को लेकर केंद्र सरकार के पास विचाराधीन कोई प्रस्ताव नहीं है. शिव गोपाल मिश्रा के मुताबिक, ओपीएस पर केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी लगातार अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. कर्मचारी संगठनों ने रामलीला मैदान में रेलिया भी की है. अब सरकार के समक्ष कई प्लेटफार्म के माध्यम से ओपीएस की मांग उठाई गई है. हमने सरकार को स्पष्ट तौर पर बता दिया है कि कर्मचारियों को ओपीएस के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं है. सरकार को एनपीएस खत्म करना होगा और गारंटी कृत पुरानी पेंशन योजना बहाली करनी पड़ेगी.