खड़गे बोले – सीट बंटवारे पर आगे बढ़ रही है बात, शरद ने बताया नीतीश ने क्यों ठुकराया संयोजक का पद !

सीट बंटवारे के एजेंडे भारत जोड़ो न्याय यात्रा और गठबंधन से संबंधित अन्य मामलों की समीक्षा के लिए 13 जनवरी( शनिवार) को भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन( इंडिया) ब्लॉक नेताओं की बैठक हुई . राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी( एनसीपी ) प्रमुख शरद पवार ने मुंबई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंडिया ब्लॉक नेताओं की बैठक में भाग लिया. बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके नेता एमके स्टालिन और पार्टी नेता कनिमोझी करुणानिधि भी बैठक में शामिल हुए.

हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो चीफ देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट.

नई दिल्ली/हैदराबाद,13 जनवरी,2024.विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की आज यानी शनिवार ( 13 जनवरी) को वर्चुअल बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को गठबंधन का अध्यक्ष बनाया गया. इसके साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जब गठबंधन के संयोजक का पद ऑफर किया गया तो उन्होंने इसे ठुकरा दिया. इंडिया गठबंधन की इस बैठक में सीट शेयरिंग पर भी चर्चा हुई. बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने आधिकारिक सोशल हैंडल एक्स पर इसकी जानकारी साझा भी की. उन्होंने बताया कि सीट बंटवारे पर सकारात्मक चर्चा हुई है. सभी मुद्दों को उठाने का सही अवसर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने लिखा भारतीय समन्वय समिति के नेताओं ने आज यानी शनिवार को ऑनलाइन मुलाकात की और गठबंधन पर सार्थक चर्चा की. हर कोई इस बात से खुश है कि सीट बंटवारे पर बातचीत सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है. हमने आने वाले दिनों में इंडिया पार्टियों द्वारा संयुक्त कार्यक्रमों के बारे में भी चर्चा की है. मैं राहुल गांधी के साथ सभी भारतीय दलों को अपनी सुविधा अनुसार भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है . हम सबको सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों को उठाने के अवसर का उपयोग करना चाहिए.

योजना बनाने के लिए एक समिति भी बनाई

वहीं आज हुई इंडिया गठबंधन की बैठक पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में इंडिया अलायंस की बैठक हुई. हमारी चर्चा हुई की हम सब जल्द से जल्द सीट शेयरिंग पर फैसला लेंगे. कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि गठबंधन का नेतृत्व मल्लिकार्जुन खड़गे को करना चाहिए और सभी इस पर अपनी सहमति भी जताई. सभी ने सुझाव दिया कि नीतीश कुमार को संयोजक के रूप में जिम्मेदारी लेनी चाहिए, लेकिन उनकी राय है कि जो पहले से ही प्रभारी हैं, उसे बने रहना चाहिए.