विश्व हिंदी दिवस पर कवि चंदर की पुस्तक ” चंचल चितचोर” का लोकार्पण, कवि गोष्ठी भी आयोजित.

हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो चीफ देहाती विश्वनाथ की रिपोर्ट.
हैदराबाद,14 जनवरी, 2024. हैदराबाद के साहित्यिक संस्था एवं कवियों की चर्चित मंच गीत चांदनी और जीनियस एजुकेशनल अकादमी हैदराबाद की संयुक्त तत्वावधान में विश्व हिंदी दिवस पर कवि चंदर की पुस्तक ” चंचल चितचोर ” का लोकार्पण सह कभी गोष्ठी एवं हिंदी निबंध लेखन तथा काव्य पठन स्पर्धाओं का आयोजन यहां हैदराबाद स्थित आर्य कन्या हाई स्कूल कंदास्वामी लेन में संपन्न हुआ. इस अवसर पर स्पर्धाओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया एवं 90 से अधिक छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र के साथ कवि चंददर की लोकार्पित पुस्तक ” चंचल चितचोर ” की प्रतियाँ भेंट की गई. प्राप्त जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान कई उच्च विद्यालयों तथा जूनियर कॉलेज के विद्यार्थियों ने हिंदी विषय पर आधारित स्पर्धाओं में सहभागिता दिखाई. जिनमें सेंट जॉर्जेस गर्ल्स हाई स्कूल, जूनियर कॉलेज, आर्य कन्या पाठशाला, सेंटेन्स हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज, सक्षम हाई स्कूल शमशीरगंज, मेगा हाई स्कूल बट्टेपल्ली, राजस्थान हिंदी विद्यालय, अग्रवाल हिंदी– अंग्रेजी हाई स्कूल हैदराबाद प्रमुख रहे. इस मौके पर कवि चंदर के पध व गद्य संग्रह ” चंचल चितचोर ” का लोकार्पण गीत चांदनी की कोषाध्यक्ष कवयित्री रत्नकला मिश्र ने किया एवं चंदर की कविताओं की प्रशंसा की और शुभकामनाएं दी . वहीं पुस्तक का परिचय ठाकुर दिनेश सिंह ने दिया. कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ संगीता व्यास व मुख्य अतिथि पावर ग्रिड कारपोरेशन के राजभाषा अधिकारी रमेश प्रसाद मिश्र मंच पर आसीन रहे . प्रथम सत्र की अध्यक्षता डॉ प्रेमलता श्रीवास्तव एवं संचालन कवयित्री श्रीमती सुधा ठाकुर ने किया. इस अवसर पर विशेष अतिथि भक्तराम आर्य, श्रुतिकांत भारती एवं समाजसेवी प्रदीप जाजू ने भी अपने विचार रखे. इस मौके पर आयोजित कभी गोष्ठी की अध्यक्षता गीतकार चंपालाल बैद और मंच संचालन साहित्यिक संस्था गीत चांदनी के कार्यदर्शी व कवि गोविंद अक्षय ने किया. जबकि संतोष कुमार मिश्र माधुर्य द्वारा सरस्वती वंदना के उपरांत अनेक कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाई . जिनमें कवि अनिल गुप्ता, डॉ राजिंदर कौर, डी. प्रेमराज, सिम्मी, सीमा, शोभा देशपांडे, अशोक श्रीवास्तव, डॉ प्रेमलता श्रीवास्तव, रत्नकला मिश्र, डॉ प्रभास चंद्र सिंह चंदर, डॉ मुमताज सुल्ताना, रमेश प्रसाद मिश्र, कवयित्री सुधा ठाकुर, गोविंद अक्षय, चंपालाल बैद आदि कवियों ने बहुत ही सुंदर ढंग से काव्य पाठ किया . अंत में कवि डी प्रेमराज ने सभी आगंतुकों को धन्यवाद दिया .