लालू – तेजस्वी से मुख्यमंत्री की मुलाकात, नीतीश ने आरजेडी कोट के तीन मंत्रियों के विभाग बदले .


जिन मंत्रियों का विभाग बदल गया उनमें शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर, भू – राजस्व मंत्री आलोक मेहता और लोग स्वस्थ अभियंत्रण मंत्री ललित यादव शामिल है . इस घटनाक्रम ने बिहार में एक और संदेश दे दिया है . वह यह की नीतीश कुमार ही असली ‘ बॉस ‘ हैं और सरकार में उन्हीं की चलेगी.

हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट.

पटना/हैदराबाद,21 जनवरी, 2024. क्या बिहार की महागठबंधन सरकार गिरने वाली है? यह सवाल आज बिहार के राजनीतिक गलियारों का हॉट टॉपिक बना हुआ है. यह सवाल इसलिए भी उठता है क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नाराज बताए जा रहे हैं. उधर, एनडीए गठबंधन में हलचल तेज है . अमित शाह के एक बयान के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव तुरंत मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर नीतीश कुमार से मुलाकात की थी . इस मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने पूछे जाने पर मीडिया से सब कुछ सामान्य होने की बात कही थी और दावा किया था कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी . लेकिन इसके अगले ही दिन आरजेडी कोट के तीन मंत्रियों के विभाग में बदलाव हो गया. जिन मंत्रियों का विभाग बदल गया उनमें शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर, भू — राजस्व मंत्री आलोक मेहता और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री ललित यादव शामिल है . कहां जा रहा है कि प्रोफेसर चंद्रशेखर यादव को शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक से पंगा लेना महंगा पड़ गया. केके पाठक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गरीबी अधिकारियों में से एक माने जाते हैं. चंद्रशेखर ने उनसे ही दुश्मनी कर ली . पाठक जैसी ही छुट्टी से वापस आए, चंद्रशेखर की मंत्रालय से विदाई हो गई. सूत्र बताते हैं कि चंद्रशेखर के कारण ही केके पाठक लंबी छुट्टी पर चले गए थे और वापस विभाग ज्वाइन नहीं करना चाहते थे.

नीतीश की नई टीम से ललन सिंह का गुट बाहर

खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केके पाठक को वापस बुलवाया था. मुख्यमंत्री से बातचीत के अगले ही दिन केके पाठक ने विभाग ज्वाइन किया और अब चंद्रशेखर की विदाई हो गई. इसके अलावा चंद्रशेखर पर यह गाज उनके बड़बोलेपन के कारण गिरी है . वह पिछले कुछ दिनों से जदयू कोटे से मंत्री अशोक चौधरी के खिलाफ हमलावर थे. अशोक चौधरी भी नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं. आलोक मेहता और ललित यादव के तेवर भी मुख्यमंत्री को नहीं भा रहे थे . इस घटनाक्रम ने बिहार में एक और संदेश दे दिया है. वह यह कि नीतीश कुमार ही असली ‘ बॉस ‘ हैं और सरकार में उन्हीं की चलेगी.