असम में मंदिर जाने से रोका तो धरने पर बैठ गए राहुल गांधी, क्यों हो रहा है सियासी टकराव ?

असम से गुजर रही कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो नया यात्रा बीते दो दिनों से राजनीतिक टकराव में घिर गई है. दरअसल, राहुल गांधी का 22 जनवरी( सोमवार) को नगांव जिले के बटाद्रवा स्थित श्रीमंत शंकर देव सत्र ( मठ) जाने का कार्यक्रम था लेकिन स्थानीय प्रशासन ने उन्हें मंदिर पहुंचने से 17 किलोमीटर पहले ही हैबोरगांव में रोक लिया.


हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट.


गुवाहाटी/हैदराबाद,22 जनवरी, 2024. असमिया समाज में प्रतिष्ठित वैष्णव संत श्रीमंत शंकर देव की जन्मस्थली बटाद्रवा सत्र मंदिर में जाने से रोके जाने पर नाराज कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने समर्थकों के साथ हैबरगांव में धरने पर बैठ गए. इससे पहले एक वीडियो में राहुल गांधी गाड़ी से उतरकर पुलिस कर्मियों से रोके जाने की वजह पूछते देखे गए. धरने पर बैठने से पहले राहुल गांधी ने अधिकारियों की आलोचना करते हुए मीडिया से कहा, ऐसा लगता है जैसे आज यानि 22 जनवरी को केवल एक व्यक्ति को मंदिर में प्रवेश की अनुमति है . क्या पीएम मोदी तय करेंगे कि मंदिरों में कौन जाता है? राहुल गांधी ने कहा, ” 11 जनवरी को शंकर देव के जन्मस्थान का दौरा करने का निमंत्रण मिला था, लेकिन रविवार को हमें बताया गया कि कानून व्यवस्था के संकट की स्थिति है. इस बीच कांग्रेस नेता गौरव गोगोई और सभी लोग वैष्णव संत श्रीमंत शंकर देव के जन्म स्थान पर जा सकते हैं, केवल राहुल गांधी नहीं जा सकते”. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी जिस जगह धरने पर बैठे हैं, वहां उनके समर्थक ” रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम ” भजन गाते दिख रहे हैं. वहीं, कांग्रेस समर्थक शंकर देव के कीर्तन भी कर रहे हैं. बाद में स्थानीय सांसद और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई मंदिर गए और प्रार्थना की . उन्होंने बाहर आकर बताया कि उन्हें राहुल गांधी की जगह श्रीमंत शंकर देव के जन्म स्थान पर जाने का अवसर मिला. इस संदर्भ में गौरव गोगोई ने एक तस्वीर साझा किया और कहा कि श्रीमान शंकर देव मत बिल्कुल खाली था. वहां कोई भीड़ नहीं थी . झूठी अफवाह फैलाई गई कि कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है. मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने बटाद्रवा पुलिस और श्रीमंत शंकर देव की विरासत के लिए एक काला दिन लाया है.

श्री शंकर देव का असम में महत्व

जब से कांग्रेस ने बताया कि 22 जनवरी सोमवार की सुबह राहुल गांधी बटाद्रवा श्री शंकर देव सत्र जाएंगे तभी से कांग्रेस और सत्तारूढ़ बीजेपी में टकराव एवं बयान बाजी शुरू हो गई.
असम में दो दशक से भी ज्यादा समय से मीडिया से जुड़े रहे समीर के. पुरकायस्थ कहते हैं कि 15वीं व 16वीं शताब्दी के विद्वान संत और सामाजिक- धार्मिक सुधारक श्रीमंत शंकर देव असम के समावेशी संस्कृति के प्रतीक माने जाते हैं. लिहाजा, इस समय देश में चल रही हिंदुत्ववादी राजनीति में राहुल गांधी का बटाद्रवा पहुंचना कई मायनों में महत्वपूर्ण है. पुरकायस्थ कहते हैं, ” अगर आसान भाषा में कहें तो राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में राहुल गांधी के नहीं जाने से बीजेपी आगे जिस तरह उनको राजनीतिक तौर पर घेरती, तो श्रीमंत शंकर देव के यहां पहुंचना उसी का जवाब था.


मुख्यमंत्री ने क्या कहा ?

इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 22 जनवरी यानी सोमवार को बटाद्रवा में श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थली का दौरा करने से बचने की सलाह दी थी. सीएम हिमंत ने कहा था कि ” हम राहुल गांधी से अनुरोध करते हैं कि वे 22 जनवरी ( सोमवार ) को राम मंदिर के अभिषेक समारोह के दौरान बटाद्रवा ना जाएं क्योंकि इस असम की गलत छवि बनेगी ” इसके अलावा मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि सोमवार यानी 22 जनवरी को कांग्रेस ने मोरीगांव, जागी रोड और नेल्ली के ” संवेदनशील क्षेत्रों ” से होकर जाने वाला रास्ता चुना है, जिसे टाला जा सकता था. उन्होंने कहा, ” यह क्षेत्र संवेदनशील है और मैं किसी भी कानून एवं व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने से इनकार नहीं कर सकता . इसलिए 22 जनवरी यानी आज राहुल गांधी की यात्रा के दौरान अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों के संवेदनशील मार्गों पर कमांडो तैनात किए गए हैं . कांग्रेस में लंबे समय तक रहे हिमंत बिस्वा सरमा 2015 में बीजेपी में शामिल होने के बाद से राहुल गांधी की आलोचना करते रहे हैं .

राहुल गांधी और हिमंता के बीच तीखे बयानबाजी

बीते 14 जनवरी को मणिपुर से शुरू हुई भारत जोड़ो न्याय यात्रा जब पिछले गुरुवार को असम पहुंची, तभी से राहुल गांधी और हिमंत सरमा के बीच बयानबाजी चल रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी एक सभा में असम के मुख्यमंत्री हिमंत सरमा को सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बताया था और यह भी कहा था कि वह अन्य भाजपा मुख्यमंत्रियों को ” भ्रष्टाचार सीख रहे हैं. ” इसके जवाब में सरमा ने गांधी परिवार को देश का सबसे भ्रष्टतम परिवार बताया .