चंपई सोरेन बने झारखंड के नए मुख्यमंत्री.

हेमंत सोरेन 5 दिनों के ईडी रिमांड पर .

चंपई सोरेन झारखंड के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं. राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को राज भवन में उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई. चंपई सोरेन सरकार में कांग्रेस विधायक आलमगीर आलम और राजद विधायक सत्यानंद भोक्ता ने बतौर मंत्री पद की शपथ ली. राज्यपाल ने नए मुख्यमंत्री को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 10 दोनों का समय दिया है.

हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट.

रांची/ हैदराबाद/2 फरवरी, 2024. चंपई सोरेन पहुंचे सचिवालय, सीएस नोकिया वेलकम

सीएम पद की शपथ लेने के बाद चंपई सोरेन प्रोजेक्ट भवन स्थित राज्य सचिवालय पहुंचे, जहां मुख्य सचिव एल. खियांगते और कैबिनेट सचिव बंदना दादेल ने वेलकम किया . मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग( समन्वय ) की ओर से जानकारी दी गई है कि मंत्री परिषद की आज 1:30 बजे प्रोजेक्ट भवन में मीटिंग हुई .

हेमंत सोरेन पांच दिनों के ईडी रिमांड पर

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पीएमएलए कोर्ट ने 5 दिनों के ईडी रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है. खबर है कि चंपई सोरेन सीएम पद ग्रहण करते ही दुमका में आयोजित झारखंड मुक्ति मोर्चा की स्थापना दिवस समझ में शामिल होने के लिए रवाना हो गए . जबकि वहीं वे राहुल गांधी के न्याय यात्रा में शामिल होंगे. सूत्रों ने खबर दी है कि मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के साथ हेमंत सोरेन के छोटे भाई बसंत सोरेन को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शपथ ग्रहण के तुरंत बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के विधायकों को विशेष चार्टर्ड विमान से हैदराबाद शिफ्ट होने के लिए भेज दिया गया है. 5 फरवरी को वे 39 विधायक बहुमत सिद्ध करने एक साथ हैदराबाद से रांची वापस आ जाएंगे. इसके बाद 6 या 7 फरवरी को मंत्रिमंडल विस्तार की भी संभावना है .

झारखंड टाइगर के नाम से मशहूर चंपई सोरेन

चंपई सोरेन को लोग झारखंड टाइगर के नाम से भी बुलाते हैं. चंपई ने 1991 में पहली बार सरायकेला विधानसभा में हुए उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की थी. उन्होंने उस वक्त झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता, सांसद कृष्णा मरांडी की पत्नी को पराजित किया था. जबकि 1995 में झारखंड मुक्ति मोर्चा की टिकट पर जीत हासिल की थी. हालांकि वर्ष 2000 में चंपई सोरेन बीजेपी के अनंत राम टूड्डू से चुनाव हार गए. बाद में 2005 से लगातार सरायकेला से चंपई सोरेन विधायक रहे हैं . 2019 में उन्होंने भाजपा के गणेश महली को हराया था. चंपई सोरेन का जन्म सरायकेला के जिलिंगगोड़ा गांव में 1956 में हुआ . मैट्रिक पास चंपई सोरेन शादीशुदा हैं एवं इनके चार बेटे और तीन बेटियां भी है . 68 वर्षीय चंपई सोरेन पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं दोशेम गुरुजी शिबू सोरेन के सबसे विश्वस्त माने जाते हैं. इस तरह झारखंड में 26 घंटे तक चल हाई वोल्टेज राजनीतिक ड्रामे के बाद आखिरकार नई सरकार को लेकर छाई धुंध अब छंट गई है. कथित जमीन घोटाला मामले में गिरफ्तार हेमंत सोरेन के त्यागपत्र के बाद आज शुक्रवार को चंपई सोरेन सीएम पद की शपथ ली. वहीं, शुक्रवार को ही हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा जब सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत सोरेन को दायर याचिका को लेकर पहले हाई कोर्ट जाने को कहा है . हेमंत सोरेन ने ईडी की गिरफ्तारी को गलत बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी . दूसरी तरफ सीएम पद की शपथ लेने से पहले चंपई सोरेन अपने राजनीतिक गुरु तथा दिशम गुरुजी शिबू सोरेन से आशीर्वाद लिया और सीधे शपथ ग्रहण के लिए राजभवन चल दिए. शपथ लेने के बाद चंपई सोरेन राजभवन से सीधे रांची के सिद्धो – कान्हों पार्क जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की.