हरदा पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट : हादसे में 11 की मौत और 150 जख्मी हुए.

परमाणु बम जैसा धमाका, चश्मदीद ने बताई हादसे की कहानी

मध्य प्रदेश के हरदा में पटाखा फैक्ट्री

में लगी भीषण आग ने सभी को दहलाकर रख दिया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आपात बैठक की

हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो चीफ देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट
मध्य प्रदेश के हरदा शहर में मंगलवार को एक पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के साथ ही भीषण आग लग गई. धमाके इतने ज्यादा भयानक थे कि आसपास मौजूद लोगों को तो यह भी लगा जैसे कोई भयानक भूकंप आया है. पटाखा फैक्ट्री के इस हादसे ने सभी को हिलाकर रख दिया है. इस हादसे में कम से कम एक दर्जन लोगों की मौत हो गई और 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए. प्राप्त जानकारी के मुताबिक घटनास्थल पर अभी भी रुक- रुक कर ब्लास्ट हो रहे हैं एवं आसमान आग के काले धुएं से भर गया है. हादसे में घायल चश्मदीद महिला ने बताया कि चार मंजिला बिल्डिंग थी, जिसमें करीब 3 से 4 हजार लोग थे. हादसे के बाद वहां अफरा- तफरी मच गई. मंगलवार की सुबह फैक्ट्री में आए कई लोगों ने घर से निकलते समय यह नहीं सोचा था कि आज घर नहीं लौटेंगे. वहीं यह दिल दहला देने वाला हादसा कैसे हुआ, इसको लेकर चश्मदीद जो खुद घायल हुई एक महिला थी, ने पटाखा फैक्ट्री में हुए ब्लास्ट की पूरी कहानी बताई. उन्होंने बताया, हम लोग काम कर रहे थे, तभी अचानक ब्लास्ट हुआ और बहुत तेज आवाज आई, हम लोग भागने लगे. हमने भागते-भागते देखा कि बहुत सारे बच्चे मरे हुए पड़े थे. बहुत सारे लोग जले हुए पड़े थे, वहां करीब 4 हजार से अधिक लोग मौजूद थे. चार मंजिल बिल्डिंग थी . जब हम आवाज सुनकर भागे तो जोर से मेरे सिर पर एक पत्थर टकराया और मैं जख्मी हो गई . इतना ही नहीं भागने के दौरान वह बाइक से भी टकरा गई, जिससे उनके पैर में चोट आई है. जबकि एक अन्य चश्मदीद ने बताया कि पटाखा फैक्ट्री में हुआ यह धमाका परमाणु बम जैसा था. चश्मदीद बोले पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट से सहमे करीब 1 हजार से ज्यादा लोग अंदर फंसे थे. खबर है कि विस्फोटों के बाद लगी भीषण आग में झुलसने वाले लोगों को अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. सूत्र बताते हैं कि पटाखा फैक्ट्री के अंदर मौजूद लोग जान बचाने के लिए संघर्ष करते नजर आए तथा कई लोगों ने दूर तक भागने की कोशिश की लेकिन फिर भी उनमें से कई लोग बुरी तरह से चोटिल हो गए हैं. धमाके के कारण अभी भी दूर-दूर तक दहशत का मंजर दिख रहा है .

आसपास के घरों में दरार

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हरदा के बैरागढ़ इलाके में मगरधा रोड के पास एक आवासीय बस्ती है और यहीं पर एक पटाखा फैक्ट्री भी है, जिसमें आज यानी मंगलवार को अचानक ही भीषण आग लग गई. इस हादसे ने न केवल पटाखा फैक्ट्री बल्कि आसपास के एक बड़े इलाके को भी प्रभावित किया है. इसके चलते कई घरों तक दरार भी आ गई है. यहां तक की स्थानीय प्रशासन को आसपास के मकानों को खाली करा देना पड़ गया.

मोहन यादव ने आपात बैठक की

वहीं इस मुद्दे ने राज्य सरकार को भी बड़ा झटका दिया है. हरदा में भीषण आग लगने को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आपात बैठक बुलाई और इस मुद्दे पर जांच के लिए 6 सदसयीय टीम का भी गठन किया. इस बीच मौके पर मौजूद राज्य के मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ टीम काम कर रही है और उसे एडीजी मॉनिटर कर रहे हैं. मंत्री के मुताबिक, अभी तक साथ लोग घायल हुए हैं. खबर है कि ब्लास्ट के बाद से पटाखा फैक्ट्री के मालिक लापता हो गए हैं. बताया जा रहा है कि 20 साल पहले हरदा का बैरागढ़ इलाका ग्रामीण क्षेत्र था, जो अब नगरीय निकाय में आ गया है. ऐसे में इस इलाके में पटाखा फैक्ट्री संचालित किए जाने पर रोक लगनी चाहिए थी लेकिन यहां कैसे पटाखा फैक्ट्री चलाने की मंजूरी मिलती रही, यह एक बड़ा सवाल है.