” बिहार में इंडिया अलायंस के तौर पर लड़ेंगे चुनाव, टीएमसी हमारे सहयोगी ” : राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा है कि हम बिहार में इंडिया गठबंधन के तौर पर चुनाव लड़ेंगे. मैं इस बात से सहमत हूं कि हमारे कई साथी गठबंधन का हिस्सा नहीं है.

हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो चीफ देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट.

नई दिल्ली / हैदराबाद, 6 फरवरी, 2024. विपक्षी ” इंडिया” गठबंधन के प्रमुख सहयोगी दलों के बीच समीकरणों को लेकर उथल-पुथल चल रही है. इसको लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि ” इंडिया” गठबंधन बिहार में एक साथ लोकसभा चुनाव लड़ेगा. वहीं उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी को भी इस विपक्षी समूह का हिस्सा बताया. अपनी’ भारत जोड़ो न्याय यात्रा ‘ के दौरान मंगलवार को पत्रकारों से राहुल गांधी ने कहा, यदि आप ममता जी के बयानों को देखें तो वो पूरी तरह से ‘ इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा है . वेशक, नीतीश कुमार ने ‘ इंडिया’ गठबंधन छोड़ दिया है और वो बीजेपी में चले गए हैं, लेकिन आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उनके जाने के क्या कारण है “. कांग्रेस नेता के इस आत्मविश्वास ने कई लोगों को अचरज में डाल दिया है, क्योंकि ममता बनर्जी ने बार-बार कहा है कि वो पश्चिम बंगाल में अकेले भाजपा से मुकाबला करेंगी और लोकसभा चुनाव के बाद गठबंधन पर विचार करेगी . हालांकि, कुछ रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि उन्होंने अपना रुख नरम कर लिया है और कांग्रेस के लिए पांच लोकसभा सीटें छोड़ने को तैयार हैं, लेकिन कट्टर प्रतिद्वंदी सीपीएम के साथ तृणमूल का समीकरण एक बाधा बन सकता है . ममता बनर्जी ने पहले कांग्रेस पर चुनाव में भाजपा की सहायता के लिए सीपीएम सी हाथ मिलाने का आरोप लगाया था जबकि बिहार में, विपक्षी गुट को उसे समय भारी झटका लगा, जब इसके प्रमुख वास्तुकारों में से एक, जदयू के प्रमुख नीतीश कुमार ने पिछले महीने के अंत में पाला बदल लिया और भाजपा से हाथ मिला लिया. अब इंडिया गठबंधन इस महत्वपूर्ण राज्य में अच्छी संख्या में लोकसभा सीटें जीतने के लिए महागठबंधन के लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और वाम दलों पर भरोसा कर रहा है. इसी प्रकार पंजाब में भी इंडिया गठबंधन कमजोर स्थिति में है, जहां आम आदमी पार्टी ने कहां है कि वो सभी 13 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी. जबकि उत्तर प्रदेश में स्थिति स्पष्ट नहीं है, जिसमें 80 लोकसभा सीटें हैं, जिसमें 80 लोकसभा सीटें हैं, समाजवादी पार्टी इस बारे में मिश्रित संकेत दे रही है कि वो कांग्रेस के लिए कितनी सीटें छोड़ने को तैयार हैं.