झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी के अधिकारी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रहे हैं . एक बार फिर से पीएमएलए कोर्ट ने पांच दिनों की रिमांड अवधि को बढ़ाने का आदेश दिया है. हालांकि, हेमंत सोरेन की ओर से झारखंड सरकार के महाधिवक्ता ने बहस की और रिमांड अवधि को बढ़ाने के आग्रह का जोरदार तरीके से विरोध किया. महाधिवक्ता की ओर से कोर्ट को यह जानकारी दी गई कि ईडी रिमांड में हेमंत सोरेन के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है.
हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट
रांची/हैदराबाद,7 फरवरी,2024. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी ) की ओर से कथित जमीन घोटाले में गिरफ्तारी के बाद पांच दिनों से ईडी के अधिकारी रिमांड पर लेकर हेमंत सोरेन से पूछताछ कर रहे हैं. 5 दिनों की रिमांड अवधि पूरा हो जाने पर ईडी की ओर से हेमंत सोरेन को बुधवार( 7 फरवरी) को रांची के सिविल कोर्ट स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया. ईडी की और से 7 दिनों की रिमांड अवधि बढ़ाने का आग्रह किया गया , जिसका हेमंत सोरेन के अधिवक्ता की ओर से कड़ा विरोध किया गया. लेकिन अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 5 दिनों के लिए रिमांड अवधि को बढ़ाने का आदेश दिया.:- कमरे में नहीं पहुंच पाती सूर्य की रोशनी:
हेमंत सोरेन की ओर से झारखंड सरकार के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने बहस की . विशेष अदालत में ईडी की ओर से हेमंत सोरेन की रिमांड अवधि बढ़ाने के आग्रह का महाधिवक्ता राजीव रंजन ने जोरदार तरीके से विरोध किया. बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि ईडी की ओर से रिमांड के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री को मूलभूत सुविधाओं में भी कटौती की जा रही है. उन्होंने बताया कि हेमंत सोरेन को दिन में भी ऐसे बेसमेंट में रखा जा रहा है, जहां सूर्य की रोशनी भी नहीं पहुंच पा रही है. महाधिवक्ता ने बताया कि बेसमेंट में कोई खिड़की नहीं है, पाइप के माध्यम से हवा पहुंच रही है. कितना ही नहीं सोते समय भी पूर्व मुख्यमंत्री की निगरानी की जा रही है.
: 120 घंटे की पूछताछ में ईडी के हाथ खाली !
महाधिवक्ता ने ईडी की विशेष अदालत में रिमांड अवधि को बढ़ाए जाने का विरोध करते हुए बताया कि इससे पहले भी हेमंत सोरेन से ईडी के अधिकारी 2 दिन पूछताछ कर चुके हैं . उन्होंने बताया कि ईडी की टीम ने 20 जनवरी और फिर 31 जनवरी को 8-8 घंटे की पूछताछ की थी. जबकि 5 दिनों की रिमांड अवधि में 120 घंटे की पूछताछ हुई . इस दौरान ईडी को कुछ भी नहीं मिला. अब ईडी की ओर से बहुत सारी ऐसी बातें अदालत को बताई जा रही है, जिसे कथित जमीन घोटाले से कुछ भी लेना-देना नहीं है . उन्होंने बताया कि ईडी की ओर से एक चैट का हवाला देकर ट्रांसफर-पोस्टिंग की जानकारी दी गई है, जिसका इस केस से कुछ लेना-देना नहीं है, यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी नहीं हो सकता है, ईडी की टीम इसकी जांच नहीं कर सकती. बताया गया है कि ईडी की हिरासत के दौरान झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके करीबी सहयोगी विनोद सिंह के व्हाट्सएप पर उनकी चैट का सामना कराया गया, जो बेहद आपत्तिजनक है. इसमें कई संपत्तियों का विवरण शामिल है.