लोकसभा चुनाव से पहले तेलंगाना में बीजेपी को झटका,तेलुगू अभिनेता बाबू मोहन ने भाजपा छोड़ी.

लोकसभा चुनाव से पहले तेलंगाना में बीजेपी को झटका देते हुए पूर्व मंत्री और अभिनेता पी. बाबू मोहन ने बुधवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया

हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट

हैदराबाद,8 फरवरी,2024. प्रसिद्ध तेलुगू अभिनेता तथा राजनेता पी बाबू मोहन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें भाजपा में दरकिनार किया जा रहा था और मुझे घूंटन महसूस हो रही थी. इतना ही नहीं उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि राज्य भाजपा के प्रमुख जी किशन रेड्डी ने उनकी कॉल का जवाब भी नहीं दे रहे थे. उन्होंने खुलासा किया कि वह वारंगल चुनाव क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन पी बाबू मोहन ने यह नहीं बताया कि वह किस पार्टी में शामिल होंगे.
चूंकि, बाबू मोहन के बेटे हाल ही में भारत राष्ट्र समिति में शामिल हुए हैं, इसलिए उनकी भी इसी पार्टी में शामिल होने की प्रबल संभावना है. सूत्र बताते हैं कि पी बाबू मोहन विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़ने की धमकी दी थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें यंडोले से एक बार फिर टिकट देकर शांत करने की कोशिश की लेकिन वह बुरी तरह चुनाव हार गए . उन्हें केवल 5524 वोट मिले. 2018 में पूर्व मंत्री तथा अभिनेता बाबू मोहन ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट देने से इनकार किए जाने के बाद टीआरएस( अब बीआरएस ) छोड़ दिया था. हालांकि भगवा पार्टी ने उन्हें संगारेड्डी में ऐंडोले चुनाव क्षेत्र से मैदान में उतारा, लेकिन उन्हें अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा और केवल 2404 वोटो के साथ तीसरे स्थान पर रहे. 2014 में बाबू मोहन ऐंडोले टीआरएस के टिकट पर चुने गए. तेलुगु फिल्मों में कॉमेडी भूमिकाओं के लिए जाने जाने वाले अनुभवी अभिनेता 1990 के दशक में तेलुगु देशम पार्टी में शामिल होकर राजनीति में प्रवेश किया. वह पहली बार 1998 के उपचुनाव में ऐंडोले से चुने गए और 1999 में सीट बरकरार रखी. पी बाबू मोहन ने तत्कालीन एकीकृत आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू के मंत्रिमंडल में श्रम मंत्री के रूप में कार्य किया . बाबू मोहन 2004 और 2009 में एक ही चुनाव क्षेत्र से चुनाव हार गए . 2014 में उन्होंने टीआरएस में शामिल होने के लिए तेलुगु देशम पार्टी को अलविदा कह दिया.