किसी नेता या राजनीतिक दल की जनसभा में आमतौर पर उनके समर्थक ही नजर आते हैं. ऐसी सभाओं में लगने वाली भीड़ से यह भी दिखता है कि इलाके में किस दल को कितना बड़ा समर्थन हासिल है

हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट

पटना/ शिवहर /हैदराबाद,21 फरवरी, 2024. समर्थकों का उत्साह और नेता के चेहरे का भाव यह बताता है कि उसके दावे और जमीनी हकीकत में कितना बड़ा फासला है. बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव बिहार में अपनी सभाओं के दौरान अच्छी भीड़ जुटाने सभाओं के दौरान अच्छी भीड़ जुटाते नजर आ रहे हैं. तेजस्वी के साथ बड़ी संख्या में बिहार के युवा दिख रहे हैं और उनको अपने पिता लालू प्रसाद यादव के बनाए वोट बैंक का लाभ भी मिल रहा है . इस साल जनवरी में नीतीश कुमार के एनडीए में जाने के बाद तेजस्वी यादव पहली बार जनता के बीच पहुंचे हैं. 20 फरवरी ( मंगलवार) से वह राज्य के अलग-अलग इलाकों के दौरे पर हैं . उनका मकसद बिहार में हाल ही में खत्म हो चुकी” महागठबंधन ” सरकार की उपलब्धियां गिनना है. तेजस्वी यादव का दावा है, राज्य में 17 महीने की महागठबंधन सरकार, नीतीश कुमार के 17 साल की सरकार पर भारी रही है . तेजस्वी का यह भी दावा है कि उनके सरकार में रहते जो काम हुआ उसका श्रेय आरजेडी को जाता है. वह इसी दावे के साथ राज्य भर में ‘ जन विश्वास यात्रा’ कर रहे हैं. इस यात्रा में वह नीतीश कुमार पर भी निशान साथ रहे हैं और केंद्र सरकार पर भी हमला बोल रहे हैं . तेजस्वी राज्य सरकार में रहते हुए जातिगत जनगणना और चार लाख लोगों को नौकरी देने के अपने दावे को दोहरा रहे हैं . उनका यह भी दावा है कि इस देश भर में नौकरियां रोजगार बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है . मंगलवार को बिहार के शिवहर जिले की एक की सभा में युवाओं की भीड़ बताती है कि वह अपने मकसद में कामयाब हो रहे हैं. दरअसल, बिहार में सरकारी नौकरी एक बड़ा मुद्दा है. राज्य में रोजगार के अन्य साधनों की कमी में युवाओं की पहली पसंद सरकारी नौकरी ही होती है तेजस्वी यादव का कहना है, ” नरेंद्र मोदी हर साल 2 करोड़ रोजगार देने की बात करते थे. लेकिन लोग देख रहे हैं कि सेवा में नौकरी का क्या हाल कर दिया. रेलवे की वैकेंसी की क्या हालत है” साल 2020 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान तेजस्वी अपनी सरकार बनने पर बिहार में 10 लाख सरकारी नौकरी देने का वादा कर रहे थे. हालांकि, उस दौरान नीतीश कुमार एनडीए मे थे. तेजस्वी यादव के मुताबिक नीतीश कुमार 10 लाख नौकरी को असंभव बता रहे थे. तेजस्वी यादव का आरोप है कि नीतीश कुमार कहते थे कि इसके लिए पैसे कहां से आएंगे. बिहार में रोजगार एक ऐसा मुद्दा है जिसको जनता के बीच ले जाने में तेजस्वी यादव सफल नजर आते हैं. शिवहर के अरुण कुमार चौधरी कहते हैं, हम लोग तेजस्वी यादव के साथ हैं . वह काम कर रहे हैं, नौजवान है. इतनी नौकरी बिहार में किसने दी? शिवहर के ही सत्य रंजन सिंह कहते हैं कि बिहार के लोग अपने दु :ख और गरीबी से परेशान है. विकास हर जगह होना चाहिए. शिवहर ही नहीं पूरे बिहार का यही हाल है. लोग आधा पेट खाकर सोते हैं. यहां जनता के नेताओं का शासन होना चाहिए, जो जनता के लिए कम करें . तेजस्वी यादव की सभा में एक बात जो स्पष्ट नजर आती है वह यह है कि चाहे राजद के कट्टर समर्थक ही क्यों ना हो, उनके मन में तेजस्वी यादव को लेकर बिहार का विधानसभा चुनाव है. लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव अभी करीब डेढ़ साल दूर है और उससे पहले अभी लोकसभा चुनाव होने हैं . लोकसभा में फिलहाल बिहार की 40 सीटों में से 39 सीटों पर एनडीए का कब्जा है .