वीरता, शौर्य, त्याग और पराक्रम सहित दृढ संकल्प के महान योद्धा अमर शहीद महाराणा प्रताप का प्रथम राज्याभिषेक 28 फरवरी, 1572 में गोगुंदा में हुआ था. भारत के इस महान योद्धा का नाम इतिहास में सदैव अमर रहेगा. महाराणा प्रताप ऐसे शूरवीर थे, जिन्हें दुश्मन भी सलाम करते थे मेवाड़ के सिसोदिया राजपूत राजवंश को आज याद करने की आवश्यकता है .
हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट.
हैदराबाद, 22 फरवरी, 2024. महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक और मूर्ति अनावरण हैदराबाद के बेगम बाजार स्थित महाराणा प्रताप चौक पर ( भू लक्ष्मी मंदिर के समीप ) बुधवार ( 28 फरवरी) सुबह करीब 10. 30 बजे और संध्या करीब 6 बजे के आसपास अपूर्व भव्यता के साथ मनाया जाएगा. इस आशय की जानकारी महाराणा प्रताप जागृति मंच हैदराबाद, तेलंगाना के संस्थापक अध्यक्ष तथा कर्मठ समाज सेवी ठाकुर सुरेंद्र सिंह ने मीडिया को दी है.

उन्होंने इस अवसर पर राजपूत समाज समेत सभी वर्ग के लोगों से आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है. ठाकुर सुरेंद्र सिंह ने कहा है कि कार्यक्रम के प्रथम चरण में सुबह में महाराणा प्रताप का राज्याभिषेक और संध्या समय मूर्ति अनावरण का कार्यक्रम रखा गया है. ठाकुर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि विधि विधान स्वरूप महाराणा प्रताप का द्वितीय राज्याभिषेक 1572 में ही कुंभलगढ़ दुर्ग में हुआ. जिसमें जोधपुर का राठौर शासक राव चंद्रसेन भी मौजूद थे. इतना ही नहीं मेवाड़ के महाराणा प्रताप जिन्होंने राजपाट छोड़ जंगल में जीवन बिताया, ऐसी महान सपूत एवं राजपूत राजवंश को मैं नमन करता हूं. उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आग्रह किया है कि 28 फरवरी, बुधवार को आयोजित हो रहे कार्यक्रम में शामिल होकर इसे सफल बनावे .