जदयू और राजद के रास्ते भले ही अलग हो गए हैं, लेकिन दोनों दलों के बीच महागठबंधन सरकार के समय दी गई नौकरियों के मसले पर श्रेय लेने की होड़ समाप्त होते नहीं दिख रही है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर दावा किया कि बीते 17 महीने में जितनी नौकरियां और रोजगार दिए गए वह उनका संकल्प था.
हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट.
पटना/हैदराबाद,25 फरवरी, 2024. बिहार की सत्तारूढ़ जनता दल ( यू ) और राष्ट्रीय जनता दल ( राजद ) की राष्ट्रीय भले ही अलग हो गए हों, लेकिन इन दोनों प्रमुख दलों के बीच महागठबंधन सरकार के समय दी गई नौकरियों के मसले पर श्रेय लेने की होड़ समाप्त होते नहीं दिख रही है. जदयू- राजद नेताओं के बीच पिछले 20 दिनों से नौकरियां देने के मसले पर आरोप प्रत्यारोप जारी है. इसी कडी में रविवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर दावा किया कि बीते 17 महीने में जितनी नौकरियां और रोजगार दिए गए वह उनका संकल्प था. उन्होंने कहा कि 2020 के चुनाव में 10 लाख सरकारी नौकरी देने के मेरे संकल्प पर मुख्यमंत्री रहते थे 10 लाख सरकारी नौकरी देना एकदम असंभव है.
नीतीश के पुराने बयानों पर तंज
नीतीश कुमार के पुराने बयानों को याद दिलाते हुए तेजस्वी ने कहा, बार-बार कहते थे, यह गुमराह करने वाली बात है. कहां से देंगे? कुछ पता है ? पैसा क्या आसमान से आएगा. वह मेरे सेंस को लेकर भी सवाल उठाते थे.
डिप्टी सीएम बनते ही 10 लाख की घोषणा की
पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि 9 अगस्त 2022 को मेरे उप मुख्यमंत्री बनते ही मैं 15 अगस्त 2022 को स्वतंत्रता दिवस पर गांधी मैदान में मुख्यमंत्री से 10 लाख नौकरी और रोजगार देने की घोषणा कराई.
यह आपको नौकरी देंगे : तेजस्वी यादव
अपने भाषण में उन्होंने कहा, नई पीढ़ी के लोग साथ आए हैं यह आपको नौकरी देंगे. 10 महीने में उपमुख्यमंत्री के रूप में ही सही चार लाख से अधिक नौकरियां दी और 3 लाख नौकरी देने का प्रस्ताव भी प्रक्रियाधीन करा दिया.उन्होंने उम्मीद जाहिर करते हुए कहा प्रक्रियाधीन नौकरी युवाओं को इस वर्ष अवश्य मिल जाएगी.