
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने को लेकर अनिच्छुक रहने के कारण, पारंपरिक भव्य पार्टी के गढ़ में लोग अब दूसरे गांधी वरुण गांधी के पक्ष में जाते दिख रहे हैं .
हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो चीफ देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट.
लखनऊ/ अमेठी /हैदराबाद,27 फरवरी, 2024. जब से राहुल गांधी 2019 में अमेठी से बीजेपी की स्मृति ईरानी से चुनाव हार गए, तब से उन्होंने अपने’ पारिवारिक निर्वाचन क्षेत्र’ को फिर से हासिल करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है. राहुल गांधी अब केरल के वायनाड से लोकसभा सांसद हैं और सूत्रों की मानें तो राहुल फिर से वायनाड से चुनाव लड़ना पसंद करेंगे.
रायबरेली से प्रियंका के लड़ने की संभावना
अगर प्रियंका गांधी लोकसभा चुनाव लड़ती है तो उनके अमेठी की जगह रायबरेली को चुनने की संभावना है. इस आशय की संकेत पहले से ही उसे पत्र में दिया गया था, जो सोनिया गांधी ने इस महीने की शुरुआत में अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा था, ” मुझे पता है कि आप भविष्य में भी मेरे और मेरे परिवार के साथ खड़े रहेंगे, जैसा कि आप अतीत में करते थे. “
संजय गांधी ने 1980 में जीती थी यह सीट
अनुभवी कांग्रेसी रामकरण सिंह, जिन्होंने दिवंगत संजय गांधी के साथ अपना करियर शुरू किया, कहा कि गांधी परिवार के साथ अमेठी का रिश्ता तब शुरू हुआ जब संजय गांधी ने 1980 में सीट जीती. रामकरण सिंह ने कहा, ” ऐसा लगता है कि समय पूरा हो गया है और ऐसी चर्चाएं हैं कि अगर राहुल गांधी चुनाव लड़ने के लिए सहमत नहीं होते हैं तो वरुण गांधी के अमेठी से चुनाव लड़ने की संभावना है. अगर ऐसा होता है, तो हम सभी को खुशी होगी. जब वरुण ने 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ा, तो उन्होंने अपने दिवंगत पिता के साथ काम करने वाले सभी दिग्गज कांग्रेस नेताओं तक पहुंचने का काम किया और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, उन सभी ने खुले दिल से उन्हें समर्थन दिया और स्वागत किया. सूत्र बताते हैं कि भाजपा द्वारा वरुण गांधी को टिकट देने की संभावना नहीं है, जो पार्टी की नीतियों के अत्यधिक आलोचक माने जाते हैं.
कांग्रेस और सपा दे सकती है समर्थन
” वरुण अमेठी में स्थानांतरित हो सकते हैं, जबकि मेनका गांधी वापस पीलीभीत जा सकती है जहां उनका मजबूत आधार बना हुआ है. वरुण गांधी के निर्दलीय चुनाव लड़ने की संभावना है और कांग्रेस एवं समाजवादी पार्टी उन्हें समर्थन दे रही है . उधर, वरुण गांधी के अखिलेश यादव के साथ अच्छे संबंध रहे हैं. ” राजेश्वर सिंह भाजपा से मजबूत दावेदार+ संयोग से, मेनका गांधी के निर्वाचन क्षेत्र सुल्तानपुर में पूर्व ईडी अधिकारी से नेता बने राजेश्वर सिंह भाजपा से एक मजबूत दावेदार हैं . सुल्तानपुर से ताल्लुक रखने वाले राजेश्वर सिंह लखनऊ की सरोजिनी नगर विधानसभा सीट से विधायक हैं लेकिन सुल्तानपुर में ओवरटाइम कर रहे हैं . ऐसा कहा जाता है कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अच्छी किताबों में है .