राजस्थान के अजमेर में एक अनोखा परिवार है. इस परिवार में कल 185 लोग एक साथ ही रहते हैं. ऐसे में इस घर के किचन की चर्चा अक्सर होती रहती है
हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट.
अजमेर/हैदराबाद,1 मार्च,2024. आज के समय में आपको ज्यादातर न्यूक्लियर परिवार मिल जाते हैं. पहले के समय में कई भाई एक साथ एक ही घर में रहते थे. उनके परिवार भी उसी घर में रहते थे. ज्यादा लोगों के होने से घर के काम आसान हो जाते थे. बच्चे आसानी से पल जाते थे. यह बात भी सही है कि जहां चार बर्तन होते हैं, वहां आवाज तो आती है. ऐसा ही कुछ जॉइंट फैमिली में होता था. इस वजह से धीरे-धीरे लोग अलग रहने लगे. आज के समय में ज्यादातर लोग शादी के बाद अलग घर में शिफ्ट हो जाते हैं. कोई अपनी नौकरी का हवाला देता है, तो किसी की कुछ और मजबूरी होती है. अपने भारत के मिजोरम के उसे परिवार के बारे में तो जरूर सुना होगा, जहां 199 लोग कभी एक साथ रहा करते थे. लेकिन क्या आपने कभी राजस्थान की सबसे बड़ी जॉइंट फैमिली के बारे में सुना है? हम बात कर रहे हैं अजमेर में रहने वाले एक ऐसे परिवार के बारे में, जहां कुल 185 लोग आज भी एक साथ रहते हैं.
छह पीढियां रहती हैं साथ
185 लोगों का यह परिवार अजमेर के रामसर गांव में रहता है. यहां छह पीढियों के लोग एक साथ रहते हैं. परिवार के सबसे बुजुर्ग सदस्य बिरदीचंद के पिता ने उन्हें परिवार को जोड़कर रखने को कहा था. इसी नसीहत को मानते हुए उन्होंने अपनी पूरी फैमिली को इस तरह से जोड़ कर रखा है . परिवार को साथ रखने में कई तरह की समस्याएं आती हैं लेकिन यह लोग आपस में सब का निपटारा कर लेते हैं . कमाई के लिए परिवार के पास 500 बीघा जमीन है. इस पर सदस्य खेती कर अनाज और सब्जियां उगाते हैं.
महिलाओं के लिए खाना बनाना मुश्किल
185 लोगों के लिए तीन टाइम खाना बनाना सबसे मुश्किल काम होता है. सुबह से ही घर की महिलाएं इसकी तैयारी में जुट जाती हैं . यहां सुबह 4बजे से ही चूल्हा जला दिया जाता है. एक चूल्हे की जगह 13 चूल्हों पर खाना बनाया जाता है. 40 किलो सब्जी और 50 किलो आटा हर दिन बनाया जाता है. घर के सदस्य ने बताया कि उनके घर की सालाना इनकम करीब 2 करोड रुपए हैं . घर के बाहर करीब 80 बाइक लगी होती हैं, जो सदस्यों की है.