बिहार में राष्ट्रीय जनता दल ने बीते दिनों अपने पांच विधायकों के दल बदलकर एनडीए में चले जाने से सबक सीख लिया है. पार्टी ने अब लोकसभा चुनावों को लेकर अपनी नई रणनीति बनाई है . दरअसल, राजद पाला बदल से आहत है. यही वजह है कि टिकट बंटवारे में खास एहतियात बरती जा रही है.
हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट.
पटना/हैदराबाद,5 मार्च, 2024. पांच विधायकों के पाला बदल से आहत राजद लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन में सावधानी बरत रहा है. उसने अपनी रणनीति पलट दी है . अब नई रणनीति यह बन रही है कि कई घरों का चक्कर लगा चुके नेताओं और यहां तक की इस श्रेणी के पूर्व सांसदों को भी टिकट न दिया जाए. प्राथमिकता उन्हें मिले जो लंबे समय में भी इधर-उधर नहीं भटके हैं. हां, दूसरे दलों के कुछ विधायकों के लिए यह रणनीति शिथिल हो सकती है, जो विधानसभा से त्यागपत्र देकर राजद टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं. इस विचार में एनडीए के घटक दलों के विधायक रखे गए हैं .
राजद की इस रणनीति का लाभ
राजद की इस रणनीति का लाभ उसके पुराने नेताओं – कार्यकर्ताओं को मिल सकता है. राजद ने पिछली बार भी कम संख्या में ही दल बदलूओं को उम्मीदवार बनाया था. उसके सहयोगी दल – कांग्रेस में ज्यादा दल बदलुओं को जगह मिली थी. उसके 9 में से 5 उम्मीदवार दूसरे दलों से आए थे, जो हार के बाद नहीं लौटे. पार्टी प्रवक्ता चितरंजन गगन के मुताबिक, दल के पांच विधायकों ने जिस तरह पाला बदल किया, वह छुब्ध करने वाली घटना है. इनमें से कई विधायक बेसहारा की तरह राजद की शरण में आए थे. टिकट मिला. विधायक बने. अब दूसरे पक्ष में जा बैठ गए हैं . निश्चित रूप से नेतृत्व इस प्रवृत्ति के लोगों को टिकट देने से परहेज करेगा .
बेटिकट होने की आशंका
सूत्र बताते हैं कि राजद के संपर्क में दूसरे दलों के कुछ ऐसे सांसद और पूर्व सांसद हैं, जिन्हें बेटिकट होने की आशंका सता रही है. ये राजद या महा गठबंधन के किसी घटक दल से टिकट चाहते हैं. इनमें ऐसे पूर्व सांसद भी हैं, जो कभी राजद टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़े थे . लेकिन, बीच में उनकी दलीय प्रतिबद्धता बदल गई. राजद इससे भी परहेज करेगा . कई बार जीते हारे दूसरे दलों के पुराने नेताओं के बदले राजद अपने युवा नेताओं को अवसर देना चाहता है. संयोग यह है कि 40 में से 39 सांसद एनडीए के हैं और उसने अभी तक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है . एनडीए की तरह महागठबंधन भी अंदरुनी तैयारी में जुटा हुआ है . वह एनडीए उम्मीदवारों की सूची की प्रतीक्षा भी कर रहा है.