चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा दोनों ही नेता एनडीए के पार्टनर हैं लेकिन जिस दिन से नीतीश कुमार ने एनडीए में एंट्री ली है ये दोनों ही नेता और असहज नजर आ रहे हैं. चिराग पासवान तो खुलकर नीतीश को लेकर अपनी नाराजगी बयां भी कर चुके हैं. वहीं, बीते दिनों जब पीएम मोदी की बेगूसराय और औरंगाबाद में रैली हुई तो वहां भी चिराग और उपेंद्र कुशवाहा नजर नहीं आए.
हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह विशेष रिपोर्ट.
पटना/हैदराबाद,6 मार्च,2024. बिहार में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी हलचल तेज है. अभी तक ना तो इंडिया गठबंधन में सीट शेयरिंग हुई है और न ही एनडीए में. माना जा रहा है कि आने वाले 2 से 3 दिन काफी अहम होने वाले हैं. इस सबके बीच एक और मुद्दा है जो इस समय लाइमलाइट में बना हुआ है और वो है चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा का मोदी की रैली से दूरी बनाना. दरअसल,चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा दोनों ही नेता एनडीए के पार्टनर हैं, लेकिन जिस दिन से नीतीश कुमार ने एनडीए में एंट्री ली है, यह दोनों नेता असहज नजर आ रहे हैं. मोदी की रैली में नीतीश कुमार भी पहुंचे थे. यहां तक की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी और लोक जनशक्ति पार्टी के पशुपति कुमार पारस भी मौजूद थे. लेकिन चिराग और उपेंद्र कुशवाहा के न आने से सियासी अटकलबाजी तेज हो गई. बुधवार को बेतिया में पीएम मोदी की रैली हुई, यहां भी चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा नजर नहीं आए.
सोशल मीडिया पर नहीं किया पोस्ट
चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा, दोनों ही नेता पीएम मोदी की तारीफ करते नहीं थकते हैं . चिराग पासवान तो खुद को मोदी का हनुमान तक कह दिया था . हालांकि, दोनों ही नेताओं ने पीएम के लिए सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट नहीं किया. एक्स पर एक्टिव रहने वाले चिराग पासवान ने पीएम मोदी के स्वागत में कुछ नहीं लिखा. ऐसे में साफ है कि कहीं ना कहीं किसी बात को लेकर नाराजगी जरूर है.
चिराग व कुशवाहा की चुप्पी
बता दें कि बीते 2 मार्च को बेगूसराय में पीएम मोदी और नीतीश की रैली हुई. एक तो इस रैली में चिराग और कुशवाहा नजर नहीं आए और जब मीडिया सवाल उठाने लगे तो उन्होंने खुद से कोई प्रक्रिया भी नहीं दी. चार दिन बीत चुके हैं, अटकलों का दौर जारी है, लेकिन चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा चुप हैं . ऐसे में इस चुप्पी के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. कहीं आने वाले दिनों में एनडीए के साथ” खेला ” न हो जाए.
राष्ट्रीय जनता दल ने चल दी चाल
सीट शेयरिंग से पहले राष्ट्रीय जनता दल ( राजद ) ने भी
अपनी चाल चल दी है. एक तरफ से चिराग पासवान को राजद के साथ आने के लिए खुला ऑफर दे दिया गया है. बीते दिनों जब चिराग पासवान के इंडिया गठबंधन में शामिल होने को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में वही ज्यादा बेहतर बता सकते हैं. अगर उन्हें आना है तो वो तय करेंगे. हमें इसमें कुछ नहीं करना है. यह साफ है कि अगर चिराग आते हैं तो तेजस्वी को इससे कोई परेशानी नहीं है.