बीजेपी ने दक्षिण भारत की अपनी योजना के तहत क्या तेलंगाना के राज्यपाल को इस्तीफा दिलाया है ? जानिए, तमिलिसाई सुंदरराजन ने इस्तीफा क्यों दिया
हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो चीफ देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट.
नई दिल्ली/हैदराबाद,18 मार्च, तमिलिसाई सुंदरराजन ने तेलंगाना के राज्यपाल और पुड्डूचेरी के उपराज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया है. लोकसभा चुनाव से पहले उनके इस्तीफे से इस कयास को बल मिला है कि उनको लोकसभा का चुनाव लगाया जा सकता है . मीडिया रिपोर्टों में कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु या पुडुचेरी से टिकट दिया जा सकता है . उन्होंने नवंबर 2019 में तत्कालीन तेलंगाना राज्य के दूसरे राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी और फरवरी 2021 में उन्हें पुडुचेरी के उप राज्यपाल के रूप में अतिरिक्त प्रभार दिया गया था. तमिलिसाई का अचानक लिया गया फैसला
चौंकाने वाला है. तेलंगाना राज भवन की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, तेलंगाना के राज्यपाल व पुडुचेरी की उपराज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सुंदर राजन ने तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा महामहिम राष्ट्रपति जी को सौंप दिया है. गौरतलब है कि, सुंदर राजन बीजेपी की तमिलनाडु इकाई की प्रदेश अध्यक्ष रह चुकी हैं. वह तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी की पूर्व अध्यक्ष कुमारी आनंदन की बेटी और व्यवसायी तथा राजनीतिज्ञ एच. बसंत कुमार की भतीजी हैं . पेशे से एक चिकित्सक उन्होंने अपना करियर स्त्री रोग विशेषज्ञ के तौर पर शुरू किया और सोनोलॉजी व भ्रूण चिकित्सा में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है. सुंदरराजन ने 1999 दक्षिण चेन्नई जिला मेडिकल विंग के सचिव, 2005 में अखिल भारतीय सहसंयोजक, 2007 में राज्य महासचिव के रूप में भाजपा की राज्य इकाई में कार्य किया . उन्होंने थूथुकुडी सीट से 2019 का चुनाव लड़ा, लेकिन उनकी बुरी तरह हार हुई . उन्होंने 2009 में चेन्नई( उत्तर) सीट से भी चुनाव लड़ा और हार गई. सुंदर राजन तीन बार तमिलनाडु विधानसभा का चुनाव लड़ा – 2006 में राधापुरम से, 2011 में वेलाचेरी से,और 2016 में विरुगम पक्कम से. वह तीनों चुनाव हार गई थी . रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि पुडुचेरी के अलावा ऐसी भी अटकलें हैं कि उन्हें तमिलनाडु की तीन सीटों में से एक पर चुनाव मैदान में उतर जा सकता है, जिसमें सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की कनिमोझी की थूथुकुडी सीट भी शामिल है.