बिहार एनडीए में सीटों की घोषणा के बाद पशुपति पारस कैंप में हलचल तेज हो गई है. कहां जा रहा है कि वह जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे सकते हैं . उनकी” इंडिया ” गठबंधन से बातचीत भी शुरू हो गई है.
हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो चीफ देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट.
नई दिल्ली/ पटना/हैदराबाद,18 मार्च,2024. लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया है. इसमें एनडीए में शामिल केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस की पार्टी को एक भी सीट नहीं दी गई है. खबर है कि पशुपति पारस केंद्रीय मंत्री पद से जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं. जबकि कहा जा रहा है कि ” इंडिया” गठबंधन ने भी उनसे संपर्क साधा है. सूत्र बताते हैं कि सीटों की घोषणा के बाद पशुपति पारस कैंप में हलचल है. वो जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे सकते हैं. उनकी बिहार में ” इंडिया” गठबंधन से बातचीत भी शुरू हो गई है . बिहार में बीजेपी 17, जदयू 16, और चिराग पासवान की पार्टी लोजपा ( रामविलास ) 5 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. वहीं जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को एक-एक सीट दी गई है. एनडीए में शामिल पशुपति पारस गुट को एक भी सीट नहीं मिली है. दरअसल, रामविलास पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी 2020 में उनके निधन के बाद दो हिस्सों में बंट गई . उनके भाई पशुपति पारस राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी और उनके बेटे चिराग पासवान लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास का नेतृत्व करते हैं. दोनों भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का हिस्सा है . लोक जनशक्ति पार्टी राष्ट्रीय के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने कहा था कि वह हाजीपुर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. साथी उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी पार्टी के अन्य सांसद उन सीटों से चुनाव लड़ेंगे, जहां से वे 2019 के लोकसभा चुनाव जीते थे. भाजपा पर उनकी पार्टी के साथ न्याय नहीं करने का आरोप लगाते हुए पशुपति पारस ने संकेत दिया था कि वो एनडीए से बाहर निकल सकते हैं. उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी कहीं भी जाने को ” स्वतंत्र” हैं और उनके दरवाजे खुले हुए हैं. पशुपति पारस ने कहा था कि वो बिहार में एनडीए उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करेंगे और उसके बाद भाभी कदम के बारे में कोई निर्णय लेंगे. सोमवार को भाजपा मुख्यालय में एनडीए के घटक दलों के संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा महासचिव व बिहार मामलों के प्रभारी विनोद तावड़े ने इसकी घोषणा की. इस दौरान जदयू के महासचिव संजय झा, लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित एनडीए गठबंधन के अन्य घटक दलों के नेता भी मौजूद थे.