
काव्य और गद्य लिखना ईश्वर प्रदत्त है. इसे सीख कर नहीं लिखा जा सकता. स्वयं उतरती है. जो लोग साहित्य लेखन कार्य से जुड़े होते हैं, उन पर मां शारदा की विशिष्ट अनुकंपा बनी रहती है. वरिष्ठ साहित्यकार और लेखिका गीता अग्रवाल एक लंबे अरसे से लेखन में सृजनरत हैं. हैदराबाद के साहित्यिक जगत में गीता अग्रवाल का नाम एक जाना-पहचाना नाम है.

हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की रिपोर्ट
हैदराबाद,22 मार्च, 2024. गीता अग्रवाल का जन्म 27 दिसंबर को राजस्थान के बीकानेर में हुआ एवं अब वरिष्ठ नागरिक हैं . सम्पूर्ण शिक्षा — दीक्षा एम.ए. राजनीतिक शास्त्र और बी. एससी. ( जीव विज्ञान,) बी. एड. बीकानेर, राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से हुई. कुछ वर्ष अध्यापन कार्य भी किया। साहित्य में रुचि बचपन से रही जिसका कारण परिवार में साहित्यिक वातावरण का होना रहा। पिता दुष्यंत गुप्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष एवं बीकानेर टाइम्स के संपादक, स्वामी के अलावा राजस्थान के समाचार पत्रों में आलेख छपते रहे थे। माता डॉ. सुशीला गुप्ता भी लेखिका रहीं। बचपन में ही कई साहित्यकारों का सानिध्य देखने को मिला धुंधली सी यादें हैं ,क्योंकि बहुत छोटी थी, श्री अटल बिहारी वाजपेई, यादवेंद्र शर्मा चंद्र उपन्यासकार पर कई फिल्में भी बन चुकी हैं। इसलिए गीता अग्रवाल बचपन से लिखने का शौक रखती रही डायरी के पन्नों में अपने भाव अंकित करती रहीं और दैनिक पढ़ाई शादी के बाद भी लेखन कार्य चलता रहा पर डायरी के पन्नों तक ही सीमित रहा। कभी-कभी अपनी रचनाएं समाचार पत्रों में छपने के लिए भेज देती थीं जो छप जाया करती थी। बचपन में अपना शौक समाचार पत्र के रूप में भी पूरा किया, हस्तलिखित प्रेस, कार्बन पेपर लगाकर कई पेजों का अखबार निकालती थी, पूरे मोहल्ले में बांटा जाता था और मोहल्ले की खबरें होती थी। यह एक बचपन का अद्भुत खेल था। विवाह कृष्ण प्रकाश अग्रवाल (पुत्र श्री राम प्रकाश अग्रवाल , पत्रकार , रंगीला टाइम्स के संपादक एवं स्वामी) चंदौसी (उत्तर प्रदेश) निवासी के साथ हुआ। चंदौसी में भी कुछ समय अध्यापन कार्य किया। पति की नौकरी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड , मुरादाबाद में डेवलपमेंट ऑफिसर के पद पर लगने के कारण अध्यापन कार्य बंद करना पड़ा। इसी बीच कई शहरों में पति का स्थानांतरण हुआ और दो पुत्रों की मां बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ । पति निरंतर प्रोन्नति करते चले गए। दोनों पुत्र एक माइक्रोसॉफ्ट, एक अमेजॉन में हैदराबाद में कार्यरत हुए। पुत्रों के आग्रह पर पति ने स्वेच्छा निवृत्ति लेकर हैदराबाद में बसने का निर्णय ले लिया। और अब 15 वर्षों से हैदराबादी हो गए। अब एक पुत्र सिंगापुर में माइक्रोसॉफ्ट में कार्यरत है, गीता अग्रवाल का भी वहां आना-जाना लगा रहता है। अब तो डिजिटल जमाना हो गया है कहीं भी जाओ सारी खबरें मिलती रहती हैं और कोई कार्य रुकता नहीं है, लेखन कार्य गीता अग्रवाल का निरंतर चल रहा है । कई साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़ गई हैं। अग्रवाल समाज तेलंगाना गच्ची बावली महिला शाखा की 2 साल अध्यक्ष रहीं और अब अग्रवाल समाज तेलंगाना, अग्रसेन टैलेंट कमेटी, तेलंगाना की चेयरमैन हैं । एक वर्ष अग्रवाल समाज, तेलंगाना पत्रिका की अग्रमंजूषा में सह संपादक रहीं। हैदराबाद के दैनिक समाचार पत्रों में लगातार कई सालों से आपकी कविताएं , लेख छपते आ रहे हैं। साहित्य सेवा समिति, हैदराबाद तेलंगाना एवं दक्षिण समाचार पत्र के तत्वाधान में ‘राजन चौधरी पुरस्कार 2022’ मिला। साहित्य रेखा दिल्ली संस्थान द्वारा साहित्य शिरोमणि 2022 पुरस्कार मिला। आपके लगभग 15 साझा संकलन आ चुके हैं। दो अंतरराष्ट्रीय साझा संकलन जिसमें ‘विश्व की अखंड किरणें’ का संपादन स्वयं गीता अग्रवाल ने किया है। काव्यधारा प्रकाशन के तीन सांझा संकलन में आपकी कविताएं हैं। दक्षिण समाचार पत्र के अंतर्गत दो साझा काव्य संकलन में आपको स्थान मिला है। 2023 मार्च में ‘दिल ने कहा’ एकल काव्य संकलन प्रकाशित हुआ। जिसका लोकार्पण साहित्य सेवा समिति के अंतर्गत ही हुआ। अभी हाल ही में आपके संपादन में ‘इंद्रधनुष’ एक साझा संकलन जिसमें उनके साथ उनकी चार बहने एवं पति की रचनाएं हैं। इस प्रकार नियमित रूप से लेखन कार्य चल रहा है। यू टयूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि में कविताओं की झलक देखने को मिलती रहती हैं। इसके अलावा वर्तमान में साहित्य रेखा दिल्ली संस्थान की उपाध्यक्ष, शब्दाक्षर तेलंगाना की प्रचार मंत्री, हिंददेश परिवार राजस्थान इकाई की पंच परमेश्वरी, हिंददेश परिवार अंतरराष्ट्रीय की सह अध्यक्ष हैं। लेखन के अलावा कंप्यूटर से विशेष लगाव है । वीडियोग्राफी , फोटोग्राफी, वीडियो बनाना, कॉलाज बनाना, समाज के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेना आदि में विशेष रुचि रखती हैं। पति कृष्ण प्रकाश अग्रवाल समाज सेवा एवं लेखन कार्य में लगे हुए हैं और आपको निरंतर प्रोत्साहन देने का कार्य करते रहे हैं। उपलब्धियां- एकल काव्य संकलन – ‘दिल ने कहा’ प्रकाशित साझा संकलन – आसमाँ दूर नहीं, कदम-दर-कदम, शब्द पुष्कर, साहित्य सुरभि, साहित्य प्रभा, तपन मन की, दूज का चांद, मन के सारथी, लॉक डाउन एक अनुभव, गहराईयों से भरा आत्मविश्वास, मेरी माँ, हमसफर मेरे, अंतर्राष्ट्रीय साझा संकलन – 1.विश्व अमर साहित्य, अंतर्राष्ट्रीय साझा संकलन “विश्व की अखंड किरणें” (संपादन कार्य) इंद्रधनुष साझा संकलन (संपादिका) नियमित रुप से हैदराबाद, बीकानेर , महाराष्ट्र आदि समाचार पत्रों में कविताएं व लेख प्रकाशित। अध्यापन अनुभव – शिक्षक. भारतीय बाल विद्या मंदिर , बीकानेर, प्रवक्ता ( राजनीति शास्त्र ),बी एम जी इंटर कालेज , चंदौसी ( उ.प्र ) संपादन – रंगीला टाइम्स ,चंदौसी (उ.प्र ) साप्ताहिक समाचार पत्र (2 वर्ष) सह संपादक – अग्र मंजूषा, हैदराबाद (अग्रवाल मासिक पत्रिका 1 वर्ष ) सम्मान – एम ए (रजत पद,राजस्थान विश्व विद्यालय ) बी.एड.(बीकानेर में प्रथम स्थान ) संस्कार भारती, ब्रज प्रांत, पीलीभीत, राधा कृष्ण नाटिका प्रथम पुरुस्कार, जागृति गृहणी तिनिश, पूरनपुर, भजन गायन, द्वितीय पुरस्कार, अग्रवाल समाज, पूरनपुर काव्य रचना द्वितीय पुरस्कार राजन चौधरी पुरुस्कार साहित्य 2022, हिल ब्रिज स्प्रिंग्स, गच्ची बावली में डीसीपी,माधापुर द्वारा महिला दिवस पर उत्कृष्ट लेखन के लिए सम्मानित हुई। सुगुणा साहित्य पुरस्कार 2023 आदि। नियमित रुप से हैदराबाद , बीकानेर , महाराष्ट्र आदि समाचार पत्रों में कविताएं व लेख प्रकाशित ।

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