
जांच से पता चला है कि केसीआर की बीआरएस पार्टी कथित तौर पर फोन टैपिंग मामले में शामिल थी . पूर्व एसआईबी प्रमुख टी प्रभाकर राव भी फिलहाल जांच के दायरे में है.
हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो प्रमुख देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट.
हैदराबाद,25 मार्च, 2024. फोन टैपिंग और कुछ कंप्यूटर सिस्टम सहित आधिकारिक डेटा को नष्ट करने के मामले में हैदराबाद पुलिस ने 24 मार्च( रविवार) को दो और पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया है . मामले में अब खुफिया विभाग के तीन वरिष्ठ पुलिस अफसर को गिरफ्तार किया जा चुका है . जबकि बीते 23 मार्च( शनिवार) देर रात हैदराबाद पुलिस की एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि अतिरिक्त डीसीपी तिरुपथन्ना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एन भुजंगा राव को गिरफ्तार कर लिया गया. उन पर एसआईबी के निलंबित डीएसपी, डी प्रणीत राव के साथ मिली भगत का आरोप लगाया गया था, जिन्हें पहले हैदराबाद पुलिस ने विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से खुफिया जानकारी मिटाने के साथ – साथ पिछले बीआरएस शासन के दौरान कथित फोन टैपिंग के लिए गिरफ्तार क्या था .
डीसीपी राधा किशन राव भी जांच के दायरे में
जान से पता चला है कि केसीआर की बीआरएस पार्टी कथित तौर पर किस मामले में शामिल थी. पूर्व एसआईबी प्रमुख टी प्रभाकर राव और पूर्व टास्क फोर्स डीसीपी राधा किशन राव भी फिलहाल जांच के दायरे में है. गिरफ्तार अधिकारियों ने कथित तौर पर पूछताछ के दौरान गैर कानूनी निगरानी में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है, जिसमें निजी व्यक्तियों की प्रोफाइलिंग और सबूतों के साथ छेड़छाड़ शामिल है,खासकर कांग्रेस, रेवंत रेड्डी सरकार के गठन के बाद. विज्ञप्ति में कहा गया है कि , पूछताछ के दौरान, दोनों पुलिस अधिकारियों ने रिपोर्ट किए गए अपराधों में अपनी संलिप्तता कबूल की, जिसमें उनके प्रोफाइल को विकसित करके अवैध रूप से निजी व्यक्तियों पर नजर रखने की साजिश, अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग करना, सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करके सबूत को गायब करना, मिनी भगत में अपनी भागीदारी को छिपाना आदि शामिल है. पहले से गिरफ्तार डी प्रणीत कुमार उर्फ प्रणीत राव, डीएसपी( निलंबन के तहत) और कुछ अन्य व्यक्तियों के साथ.
अवैध रूप से निगरानी
पुलिस ने पहले कहा था कि 13 मार्च को प्रणीत राव को अज्ञात व्यक्तियों की प्रोफाइल विकसित करने और गुप्त रूप से, अनाधिकृत और अवैध रूप से निगरानी करने के अलावा कुछ कंप्यूटर सिस्टम और आधिकारिक डेटा को नष्ट करने के आप में गिरफ्तार किया गया था. राव को हाल ही में तेलंगाना सरकार ने निलंबित कर दिया था. वह पिछली बीआरएस सरकार के दौरान डीएसपी थे और पुलिस महानिदेशक( डीजीपी ) कार्यालय में कार्यरत थे . उन पर पहले विपक्षी दल के नेताओं के फोन टैप करने का आरोप लगा था. 10 मार्च को एसआईबी की एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा दायर एक शिकायत के आधार पर, यहां के पंजागुट्टा पुलिस थाने में प्रणीत राव और अन्य के खिलाफ एक लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात, सबूत को गायब करने और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज था.