
हैदराबाद से राजनीतिक संवाददाता देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट.
हैदराबाद,30 मार्च, 2024. हैदराबाद पुलिस ने पूर्व उपायुक्त को फोन टैपिंग और कंप्यूटर सिस्टम तथा आधिकारिक डेटा को नष्ट करने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया. भारत राष्ट्र समिति ( बीआरएस ) के नेता केटी रामा राव द्वारा की गई ” फोन टैपिंग ” टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि पिछली सरकार के तहत जो कोई भी फोन टैपिंग में शामिल था, उसे जेल भेजा जाएगा. तेलंगाना के सीएम ने कहा कि पिछली सरकार ने वोट देने वाले लोगों पर केस लगाकर और फोन टैपिंग कर उन्हें डराया. केटीआर कह रहे हैं कि उन्होंने कुछ कॉल टैप की, तो क्या हुआ? क्या कोई ऐसा बोल सकता है? यदि आपने फोन टैप किया, तो आपको चेरलापल्ली जेल जाना होगा. उनकी बात सुनने वाले अधिकारी इस समय जेल में बंद है .
पूर्व पुलिस आयुक्त हैदराबाद में गिरफ्तार
हैदराबाद पुलिस ने पूर्व पुलिस आयुक्त को फोन टैपिंग और कुछ कंप्यूटर सिस्टम के साथ आधिकारिक डेटा को नष्ट करने के मामले में शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने कहा कि पूर्व पुलिस उपायुक्त ( डीसीपी ) राधाकृष्ण राव को विधिक कार्यवाही के बाद जेल भेज दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमने पहले ही कहा था कि यह दुष्ट और चोर है, इनकी बात मानोगे तो जेल जाओगे. केटीआर बेलगाम बैल की तरह बोल रहे हैं. वे इसके लिए भुगतान करेंगे. पुलिस की जारी विज्ञप्ति में शुक्रवार रात को कहा गया, ” इस मामले की जांच के तहत उक्त व्यक्ति( राधा कृष्ण राव ) को बंजारा हिल्स पुलिस थाने में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. इस दौरान उन्होंने निजी लोगों की प्रोफाइल विकसित करने की साजिश रचने और वैध कर्तव्यों के लिए निर्धारित आधिकारिक संसाधनों का दुरुपयोग करने के कथित अपराध में अपनी संलिप्तता कबुल कर ली. ” राव को उनके कबूलनामें पर शुक्रवार की सुबह 8 बजे जांच अधिकारी ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया. विज्ञप्ति में कहा गया है कि अदालत ने न्यायिक हिरासत की मांग को मंजूर कर लिया एवं राव को 12 अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इसके पहले इस मामले में विशेष जांच शाखा ( एसआईबी ) के निलंबित पुलिस अधीक्षक प्रणीत राव के साथ मिली भगत के आरोपी दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों को 23 मार्च को गिरफ्तार किया गया था. प्रणति राव पर पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति की सरकार के दौरान फोन टैपिंग के साथ ही विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से खुफिया सूचना मिटाने का आरोप है. मामले की जांच के तहत पुलिस ने हाल में पूर्व एसआईबी प्रमुख टी प्रभाकर राव अब आयुक्त के कार्य बल के तत्कालीन पुलिस उपायुक्त पी राधा कृष्ण तथा एक तेलुगू टीवी चैनल के एक वरिष्ठ कार्यकारी के विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर जारी किया था. उल्लेखनीय है कि तेलंगाना सरकार ने हाल में प्रणीत राव को निलंबित कर दिया था. वह पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार के दौरान पुलिस अधीक्षक थे और पुलिस महानिदेशक( डीजीपी ) कार्यालय में कार्यरत थे . विपक्षी दलों के नेता उन पर पहले भी फोन टैप करने के आरोप लगा चुके हैं.