हैदराबाद से तेलंगाना ब्यूरो चीफ देहाती विश्वनाथ की यह खास रिपोर्ट.
हैदराबाद, 5 मार्च, तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री तथा भारत राष्ट्र समिति के प्रमुख के चंद्रशेखर राव को नवंबर 2023 में हुए तेलंगाना विधानसभा चुनाव बुरी तरह हार मिली. चुनाव के बाद उनकी पार्टी बीआरएस में पलायन का दौर शुरू हो गया है. केसीआर के कमर की सर्जरी हुई, वह कई दिनों तक बेड पर रहे . इसका कारण वह वास्तु दोष मान रहे हैं. तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के बारे में कहा जाता है कि उन्हें वस्तु पर बहुत विश्वास है. वह पूजा- पाठ और ज्योतिषी को भी मानते हैं. हर बार चुनाव के बाद और चुनाव से पहले उनकी ज्योतिषी और वास्तु की जुड़ी खबरें सामने आती है. अब नवंबर 2023 में राज्य में विधानसभा चुनावों में पार्टी की शर्मनाक हार के बाद और लोकसभा चुनाव से पहले वह फिर से वास्तु की शरण में है. भारत राष्ट्र समिति सुप्रीमो के चंद्रशेखर राव ने अपने घर और पार्टी मुख्यालय, तेलंगाना भवन का वास्तु बदलने का फैसला लिया है. के चंद्रशेखर राव के निर्देश के बाद, तेलंगाना भवन के मुख्य प्रवेश द्वार को वास्तु के अनुरूप बनाने और पार्टी की किस्मत बदलने के लिए बंजारा हिल्स क्षेत्र में काम शुरू हो गया है. भारत राष्ट्र समिति ने 119 सदस्यीय विधानसभा में 39सीटें हासिल की. लेकिन नेतृत्व को सबसे ज्यादा चिंता अब लोकसभा चुनाव से पहले वरिष्ठ नेताओं के पार्टी छोड़ने से है.
दिग्गज छोड़ रहे पार्टी
तेलंगाना चुनाव के बाद के चंद्रशेखर राव की पार्टी से केशव राव और कदियम श्री हरि जैसे वरिष्ठ नेताओं ने नाता तोड़ लिया है . दोनों दिग्गज कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. वहीं, लोकसभा चुनाव केवल 40 दिन दूर है . इधर के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता ईडी की गिरफ्त में हैं. भवन में वास्तु के हिसाब से हुए बदलाव तेलंगाना भवन का मुख्य प्रवेश द्वार अब उत्तर पश्चिम दिशा में है और उत्तर पूर्व दिशा में एक और गेट खोला जा रहा है . वाहनों की आवाजाही के लिए उत्तर पूर्व दिशा में एक रैंप भी बनाया जा रहा है. एक पार्टी नेता ने कहा कि चूंकि भवन में ‘ विधि पोटू ‘ या टी – जंक्शन है. मतलब भवन के ठीक सामने एक बिंदु पर मिलने वाली तीन सड़कें हैं जो वास्तु की दृष्टि से भारी मात्रा में ऊर्जा की निकासी करती है. इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है . इस नेगेटिविटी को दूर करने के लिए अब बदलाव किए जा रहे हैं. हालांकि, एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि बंजारा हिल्स की व्यस्त रोड नंबर 12 पर ट्रैफिक जाम का सामना करने वाले यात्रियों को तकलीफ से बचने के लिए उत्तर पूर्व गेट खोला जा रहा है.
सीएम बनने के बाद बदला था वास्तु
दिलचस्प बात यह है कि भारत राष्ट्र समिति ( पूर्व में टीआरएस ) के शीर्ष अधिकारियों ने 2014 में और फिर 2017 में इमारत के अंदर कुछ बदलाव किए थे, जिसमें नवीनीकरण भी शामिल था. 2014 में, वास्तु के अनुसार आंतरिक दीवारों और कमरे के दरवाजों को हटाया या जोड़ा गया था . 2014 में नवगठित तेलंगाना राज्य में पहले चुनाव में तेलंगाना राष्ट्र समिति की सत्ता में आने के बाद, 3 साल बाद भवन, हॉल शौचालय हटाने जैसे अन्य बदलाव किए गए.
नई सचिवालय में भी एक ही बार जा सके
के चंद्रशेखर राव, जब दो कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री थे तो सचिवालय का दौरा केवल 12बार किया. उनका मानना था कि इमारत वास्तु मानदंडों के अनुसार नहीं है. ऐसे में वह अपने अधिकतर काम कैंप कार्यालय प्रगति भवन से ही करते थे. विधानसभा चुनाव से पहले, भारत राष्ट्र समिति सरकार 1000 करोड रुपए खर्च करके एक नया सचिवालय बनाया. चुनाव के तुरंत बाद अपने फार्म हाउस में गिरने और हिप सर्जरी कराने के बाद, के चंद्रशेखर राव तेलंगाना भवन केवल एक बार ही जा सके.