बिहार के तमाम स्कूलों में बहाल हुए कंप्यूटर शिक्षकों को निकाले जाने के विरोध में पटना में आज जोरदार प्रदर्शन हुआ. कंप्यूटर टीचर्स ने मुख्यमंत्री आवास और भाजपा कार्यालय को घेर लिया एवं अपने मांगे पूरी करने की गुहार लगाई .
हैदराबाद से राजनीतिक संपादक की यह विशेष रिपोर्ट.
पटना /हैदराबाद,8 अप्रैल, 2024. राजधानी पटना में आज यानी 8 अप्रैल को कंप्यूटर टीचर्स ने जोरदार विरोध प्रदर्शन और हंगामा किया. अपनी मांगों को लेकर भारी संख्या में आईसीटी इंस्ट्रक्टर मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने लगे. जहां से पुलिस ने हल्ला बोल का प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारी बीजेपी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन पर आमादा हो गए. इस बारे में कंप्यूटर टीचर्स का कहना है, 5 साल के लिए अलग-अलग एजेंसियों के जरिए स्कूलों में उनकी बहाली हुई थी . लेकिन सिर्फ 6 महीने बाद ही उनको स्कूलों से निकाला जा रहा है एवं वेतन भी नहीं दिया गया है. इसके विरोध में वे लोग विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर हो गए. कंप्यूटर टीचर्स का कहना है कि अगर उनकी बात सरकार ने नहीं सुनी, और मांगे नहीं मानी गई तो लड़ाई आर पार की होगी . वही विरोध प्रदर्शन के दौरान आर ब्लॉक के पास आंदोलन में कई अभ्यर्थियों को चोटें आई है. नवीन और मिथलेश व मनन्नू कुमारी सह, रानी कुमार व सौम्य जख्मी हो गए . भाजपा कार्यालय के पास अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन में जुटे रहे . बता दें कि, कई स्कूलों में कार्यरत कंप्यूटर टीचर्स से शिक्षा विभाग ने सेवा लेने से मन कर दिया है. दरअसल, बिहार शिक्षक भर्ती के पहले चरण में करीब 6 हजार से ज्यादा कंप्यूटर शिक्षक उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सेवा दे चुके हैं. जबकि शिक्षक भर्ती के दूसरे चरण में सैकड़ो कंप्यूटर शिक्षकों ने विद्यालयों में सेवा दी थी. जिसके बाद तमाम एजेंसियों के जरिए स्कूलों में उपलब्ध कराए गए कंप्यूटर टीचर्स से काम न लेने का निर्णय लिया गया है. इसके विरोध में अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.