
संबलपुर से सिटी रिपोर्टर अनिल श्रीरामका
संबलपुर,8 अप्रैल, 2024. बीते 57 वर्षों से संबलपुर विश्वविद्यालय ने मानव संसाधन का सावधानी पूर्वक निर्वहन करते समाज को उल्लेखनीय शिक्षण सेवा प्रदान की है . वहीं हमारे दार्शनिकों द्वारा समृद्ध विरासत और प्राचीन ज्ञान से 2020 में जो नई शिक्षा नीति बनाकर हमें दी, स्पष्ट बताती है कि शिक्षा का उद्देश्य पूर्ण मानव समाज का भावपूर्ण विकास के साथ राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देना है. यह बात उड़ीसा के राज्यपाल रघुवर दास ने आज संबलपुर विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए बतायी. इस अवसर पर सीएस आईआर, आईएमएमटी भुवनेश्वर के निर्देश डॉ. रामानुज नारायण, केंद्रीय विश्वविद्यालय कोरापुट ओड़िशा के कुलपति प्रो. चक्रधर त्रिपाठी, कुलपति प्रो. विद्युभूषण मिश्र, कुल सचिव डॉ. नृपराज साहु, अकादमी परिषद एवं सिंडिकेट मेंबर्स, शिक्षा संकायों के डीन, डिग्री डिप्लोमा पुरस्कार प्राप्त तथा स्वर्ण पदक प्राप्त विद्यार्थियों, प्रख्यात विद्वानगण, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी गण, कर्मचारी गण एवं मीडिया से जुड़े प्रमुख गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे . इस अवसर पर राज्यपाल रघुवर दास ने कहा कि संबलपुर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुझे खुशी हो रही है. एवं उन्होंने इस शिक्षण संस्थान के परिवार को शुभकामनाएं दी और कहा आज का युवा छात्र समाज 21वीं सदी का युवा हैं. उन्हें अपने अध्ययन काल से ही अनुशासन को आत्मसात कर लेना चाहिए. रघुवर दास ने कहा कि कंप्यूटर के इस युग में भारत के युवाओं के पास दूसरे देशों की तुलना में एक बहुत बड़ी विशिष्टता हासिल है . उन्होंने युवा प्रतिभाओं से संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर अपनी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना चाहिए ताकि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में शिखर पर पहुंच सके.