
हैदराबाद से भाजपा की फायर ब्रांड प्रत्याशी माधवी लता ने असदुद्दीन ओवैसी को खुला चैलेंज दिया है. उन्होंने एक मीडिया साक्षात्कार में बताया कि हैदराबाद में इतिहास बदलेगा, इस बार बहुत बड़ी जीत दर्ज करेंगे.
हैदराबाद से राजनीतिक संपादक की यह विशेष रिपोर्ट
हैदराबाद,8 अप्रैल, 2024 . हैदराबाद लोकसभा सीट पर असदुद्दीन ओवैसी को चुनौती दे रही भाजपा की फायर ब्रांड नेता माधवी लता ने दावा किया है कि अबकी बार वह ऐसा जोरदार सिक्सर मारेंगी कि बाउंड्री पार जाएगा . ओवैसी के सामने महिला कैंडिडेट के सवाल पर उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में मुसलमानों खासतौर से पसमांदा महिलाओं और लड़कियों में नई उम्मीद जगी है. इसकी वजह केंद्र की योजनाएं हैं . जिस प्रकार से हम पसमांदा मुसलमानों के हक के लिए लड़ रहे हैं, उनमें नई हिम्मत आ गई है. वे अब समझती है कि उनकी दीदी या मां के रूप में कोई आ गया है. अबकी बार ऐसी महिलाएं और लड़कियां ही हैदराबाद का इतिहास बदलेंगी. माधवी से जब पूछा गया कि आपके आलोचक कहते हैं कि भाजपा ने खर्चा प्रत्याशी उतारा है . ऐसे आलोचकों का तर्क है कि अगर माधवी लता चुनाव हार भी जाती है तो भाजपा को राजनीतिक रूप से कोई नुकसान नहीं होगा. वजह यह है कि हाल के चुनावों में भाजपा को 27 से 28 से प्रतिशत ही वोट मिले थे और एआइएमआइएम को 60% वोट मिले. इस पर माधवी ने क्रिकेट की स्टाइल में जवाब दिया. उन्होंने कहा,जब भी नए क्रिकेटर को आप नेशनल क्रिकेट जैसे 20-20 या वर्ल्ड कप में लेते हैं तो क्या इसलिए लेते हो कि वह हार कर घर आ जाए? नहीं, बल्कि इसलिए लेते हो कि नया क्रिकेटर है, यंग है. अच्छा खेल कर देश को जीत आएगा . हमको भी इसी उम्मीद से लिया गया है. बाकी का बाद में देखा जाएगा. हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे . इस लड़ाई को जमकर लड़ेंगे. अगला सवाल उनसे स्थानीय विधायक टी राजा सिंह को लेकर किया गया . क्या राजा सिंह पर माधवी भारी पड़ती जा रही है? दरअसल, पहले राजा सिंह भाजपा से टिकट के दावेदार माने जा रहे थे. वह माधवी के साथ दिख नहीं रहे हैं. हालांकि भाजपा प्रत्याशी माधवी लता ने उनके घर जाकर परिवार से मुलाकात जरुर की थी . इस पर माधवी ने कहा कि राजा भाई का जो तजुर्बा है. उनको हैदराबाद लोकसभा सीट का इंचार्ज बनाया गया है . वह तजुर्बे में मेरे बड़े भाई के जगह में बैठकर सलाह देते रहेंगे कि मुझे क्या करना चाहिए. माधवी लता ने कहा कि अबकी बार स्त्री शक्ति को मौका मिलना चाहिए. इसीलिए वह भाभी को मेरे साथ चुनाव प्रचार के लिए भेजते हैं. एक ही कॉलेज से पढ़े ओवैसी और माधवी + निजाम कॉलेज से ही माधवी और ओवैसी दोनों ने पढ़ाई की है. कॉलेज के दिनों में क्या ओवैसी से किसी तरह का संवाद हुआ था? इस सवाल पर माधवी लता ने कहा, वह मुझसे काफी सीनियर हैं . इतने सीनियर से हमारी मुलाकात तो नहीं हुई थी. हां, निजाम कॉलेज में मेरे जमाने में दंगे फसाद के लिए चर्चा में रहता था. उन्होंने बताया कि उसे वक्त 3 दिन तक युद्ध फेस्टिवल होता था लेकिन बंद कर दिया गया था . अब लगता है, चाकू बाजी और दंगे फसाद के कारण ही हुआ होगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि असद भाई ने कॉलेज भी नहीं छोड़ा. बाद में हमने यूथ फेस्टिवल को फिर से शुरू करने के लिए अपील की थी. माधवी लता ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी से उनकी सिर्फ 20 से 30 सेकंड की बातचीत हुई है. हालांकि उनका आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ है.