
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने यह अनुमान लगाया है कि तेलंगाना और ओड़िशा में बड़ा खेला होगा. इसके अलावा भगवा पार्टी पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ा सरप्राइज दे सकती है
हैदराबाद से राजनीतिक संपादक देहाती विश्वनाथ की खास रिपोर्ट.
नई दिल्ली/ पटना/हैदराबाद,9 अप्रैल, 2024.पोल रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने दक्षिण और पूर्व में भाजपा के लिए भारी जीत की भविष्यवाणी की है. दो क्षेत्र जहां भगवा पार्टी अपनी संख्या बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है.
प्रशांत किशोर का मानना है कि ओड़िशा में भाजपा नंबर वन पार्टी होगी, जहां नवीन पटनायक की बीजेडी प्रमुख ताकत है और दो दशकों से राज्य पर शासन कर रही है. ओड़िशा में 21 लोकसभा सीटें हैं, भगवा पार्टी ने 38.4% वोटो के साथ 8 सीटें जीती थी. दूसरी ओर, बीजेडी 42.8% वोट शेयर के साथ 12 सीटें हासिल की थी. इस बार, पोल रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भविष्यवाणी की है कि भाजपा ओड़िशा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी .
तेलंगाना में भाजपा के वोट शेयर + प्रशांत किशोर ने कांग्रेस शासित तेलंगाना में भाजपा के वोट शेयर और सीटों में भारी उछाल की भी भविष्यवाणी की है. पत्रकारों से बातचीत करते हुए किशोर ने कहा, ” वे ( भाजपा )
तेलंगाना में या तो पहले या दूसरे नंबर की पार्टी होंगे जो एक बड़ी बात है . वे ओड़िशा में निश्चित रूप से नंबर वन पार्टी होंगे. ” 2019 के चुनावों में भगवा पार्टी ने 19.65% वोटो के साथ चार सीटें जीती थी. के चंद्रशेखर राव की पार्टी भारत राष्ट्र समिति ने 9 सीटें जीती थी, जबकि कांग्रेस ने तीन और एआइएमआइएम ने एक सीट जीती थी . पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने अपने वोट शेयर में 6.92% की बढ़ोतरी दर्ज की थी, जो लगभग 14 फ़ीसदी हो गया. पार्टी ने 2018 में एक सीट से सात सीटें अधिक यानी 8 सीटें जीती.+ तेलंगाना विधानसभा चुनाव + तेलंगाना विधानसभा चुनावों में अप्रत्याशित हार और कुछ शीर्ष नेताओं के पार्टी छोड़ने के बाद बीआरएस अस्तित्व के संकट से जूझ रही है . पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता की गिरफ्तारी ने पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा दी है . भारत राष्ट्र समिति के कई वरिष्ठ नेता, जिन में सांसद और विधायक शामिल है, कांग्रेस या भाजपा में शामिल हो गए हैं. दिल्ली में पार्टी का चेहरा राज्यसभा सांसद के केशव राव, उनकी बेटी और हैदराबाद की मेयर विजयलक्ष्मी आर गदवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री और विधायक कादियम श्री हरि, दानम नागेंद्र, सांसद जी रंजीत रेड्डी और बीवी पाटिल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि भाजपा के लिए कर्नाटक के बाद दक्षिण में तेलंगाना ही एकमात्र राज्य है, जहां उसे अच्छी संख्या में सीटें जीतने की संभावना दिखती है. भगवा पार्टी तमिलनाडु में भी अपना विस्तार करने की कोशिश में जुटी हुई है .