पिता ने चार बच्चों को पिलाया जहर

आरा / हैदराबाद, 13 मार्च, 2025.बेलवनिया जहर कांड – गांव से महुली घाट तक गमगीन रहा माहौल, शव का प्रवाह होते ही फफक पड़े लोग – एक साथ चार बच्चों की मौत से मोहल्ले में पसरा सन्नाटा, फीकी पड़ी होली की खुशी– मौत को लेकर चौकीदार के बयान पर दर्ज किया गया कि केस, मामले की छानबीन में जुटी बहिंया पुलिस.


सूत्र बताते हैं कि बिहार में भोजपुर के बिहिंया थाना क्षेत्र के बेलवनिया गांव में जहर वाला दूध पीने से मिर्च चारों भाई बहनों का परिजनों ने डबडबाई आंखों के बीच अंतिम संस्कार कर दिया. पिता की गैर मौजूदगी में बुधवार को महुली गंगा घाट पर परिजनों द्वारा चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया. एक साथ चार बच्चों का परवाह होते ही घाट पर मौजूद परिजन और ग्रामीण फफक पड़े . माहौल गमगीन हो गया. वहीं एक साथ चार मासूम बच्चों की मौत से मोहल्ले में अरविंद प्रसाद के घर के साथ पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा है . होली की खुशियां फीकी पड़ गई है . इधर, पुलिस इस मामले में चौकीदार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन में जुटी है .


बता दें कि , मंगलवार की देर रात बेलवनिया गांव निवासी अरविंद प्रसाद ने अपने चारों बच्चों को जहर मिला दूध पिला दिया और उसने खुद भी दूध पी लिया. इसमें उनकी 13 वर्षीय पुत्री नंदनी कुमारी, 10 वर्षीय पुत्र आदर्श कुमार और आदित्य, तीन वर्षीय पुत्री पलक उर्फ डॉली, और 6 वर्षीय पुत्र टोनी कुमार की बारी-बारी से मौत हो गई. जबकि अरविंद प्रसाद की हालत अभी नाजुक बनी हुई है. वहीं उनका उपचार आरा शहर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रहा है.

पत्नी के बाद चारों बच्चों को खोया, हत्या का लगा कलंक

बेलवनिया गांव निवासी अरविंद प्रसाद ऐसे बदनसीब पिता बन बैठे हैं, जिन पर अपने ही बच्चों की हत्या का कलंक लग गया. हालात ऐसे हो गए कि वह अपने बच्चों को अंतिम संस्कार भी नहीं कर सका . बताया जा रहा है कि पत्नी की मौत के बाद डिप्रेशन और घरेलू उलझन में फंसे अरविंद प्रसाद ने जिंदगी से उबकर चारों बच्चों के साथ ही अपनी इहलीला समाप्त करने की कोशिश की थी, लेकिन उनका दांव उल्टा पड़ा और अब उन पर अपने ही मासूम बच्चों की हत्या का बड़ा कलंक लग गया है . हालांकि, अब तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है कि अरविंद प्रसाद की ओर से आखिर इतना बड़ा कदम क्यों उठाया गया. लेकिन, परिजनों और मौत से पूर्व उनके बच्चों के मुताबिक, अरविंद प्रसाद पत्नी की मौत के बाद से मानसिक तौर पर काफी परेशान चल रहा था. कहां जा रहा है कि दुकान चलाने के साथ छोटे-छोटे चार बच्चों को संभालने में वह असमर्थ साबित हो रहा था. उधर, आर्थिक तंगी की बात भी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि काफी खर्च करने के बाद भी वह अपनी पत्नी को नहीं बचा सका . पत्नी के इलाज में वह आर्थिक संकट में फस गया था. इस कारण से उसे अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी थी . इसी उधेड़बुन में मंगलवार की देर रात उसने पहले अपने चारों बच्चों को जहर मिला दूध पिला दिया और इसके बाद खुद भी जहर वाला दूध पी लिया. इसमें चारों बच्चों की मौत हो गई. यदि वह जिंदगी की जंग जीत जाते हैं, तो अरविंद प्रसाद को चार बच्चों की हत्या का कलंक के साथ जीना होगा. अब सवाल उठता है कि उसने इस तरह खौफनाक कदम क्यों उठा लिया ?