पुलिस चौकियों के बाद मंदिर पर हमला, भगवंत मान सरकार से नहीं संभाल रहा पंजाब ?
हैदराबाद से समाचार संपादक देहाती विश्वनाथ की विशेष रिपोर्ट
पंजाब में हो रहे धमाकों के बाद यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि क्या पंजाब की कानून व्यवस्था को संभाल पाना आम आदमी पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बस की बात नहीं है ?
अमृतसर/ हैदराबाद, 16 मार्च, 2025 . पंजाब में अमृतसर के खंडवाला इलाके में बीती रात को जब एक मंदिर पर हैंड ग्रेनेड फेंका गया तो पिछले कुछ वक्त से पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों की संख्या में इजाफा होना तय था और ऐसा हुआ भी. कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल ने बार-बार कहा है कि भगवंत मान सरकार पंजाब की कानून व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह फेल है. मार्च 2022 में जब भगवंत मान ने पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी तब पंजाब को समझने वाले राजनीतिक विश्लेषकों ने कुछ संदेह जताया था. उन्हें संदेह ही इस बात का था कि क्या भगवंत मान जिनके पास कोई बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव नहीं है, वह पाकिस्तान से सटे पंजाब जैसे बेहद संवेदनशील राज्य की जिम्मेदारी निभा पायेंगे ? पंजाब में पिछले 5 महीनों में 13 धमाके हो चुके हैं. इन धमाकों के बाद यह सवाल मुंह के सामने खड़ा है कि क्या पंजाब की कानून व्यवस्था संभाल पाना आम आदमी पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बस की बात नहीं है ?
पाकिस्तान से लगती है लंबी सीमा
पंजाब की कानून व्यवस्था पर बात करने से पहले यह समझना जरूरी होगा कि पंजाब संवेदनशील राज्य क्यों है ? पंजाब ऐसा राज्य है जिसकी 550 किमी की सीमा पाकिस्तान से लगती है. पंजाब लंबे वक्त खालिस्तानी आतंकवादियों के निशाने पर रहा और इस दौरान हजारों निर्दोष लोगों की हत्याएं हुई . पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर यह आरोप लगता है कि वह पंजाब के सिख नौजवानों को अलग खालिस्तान के नाम पर भड़काती है. न सिर्फ आईएसआई बल्कि विदेश में बैठे कई कट्टरपंथी खालिस्तानी संगठन भी पंजाब का माहौल बिगाड़ने की लगातार कोशिश करते रहते हैं. ऐसी संगठनों बब्बर खालसा इंटरनेशनल, सिख फॉर जस्टिस जैसे कई संगठनों के नाम शामिल है . मंदिर पर हुए ताजा हमले के बाद अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर ने इसमें पाकिस्तान का हाथ होने की संभावना जताई है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान समय-समय पर ऐसी हरकतें करता रहता है.
दीवारों पर लिखे गए खालिस्तान जिंदाबाद के नारे
पिछले कुछ सालों में पंजाब में कई जगहों पर खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखे हुए देखे गए हैं. इसके साथ ही ग्रेनेड हमले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं. एक के बाद एक हो रही हत्याएं और ग्रेनेड हमलों के बाद फिर से यह सवाल जिंदा हो रहा है कि क्या पंजाब में वही मनहूस दिन फिर से लौट रहे हैं ? पंजाब में पिछले कुछ सालों में ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर 6 जून को गोल्डन टेंपल में खालिस्तान समर्थक खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा चुके हैं. उन्होंने खालिस्तानी अलगाववादी जरनैल सिंह भिंडरा वाले के पोस्टर भी लहराए थे. इन हमलों की वजह से भगवंत मान सरकार पंजाब के विपक्षी दलों के निशाने पर हैं .
मुख्यमंत्री मान के सामने है कई सवाल
मुख्यमंत्री भगवंत मान कहते हैं कि बहुत सारी ताकतें ऐसी है जो पंजाब को फलने फूलने नहीं देना चाहती,
वे पंजाब को लगातार अस्थिर करने की कोशिश कर रही है लेकिन उनसे यह सवाल जरूर पूछा जाएगा कि आखिर वह पंजाब में हो रहे आतंकी हमलों, नशे के कारण हो रही मौतों को क्यों नहीं रोक पा रहे हैं ?