तेलंगाना के अल्पसंख्यक कल्याण के लिए बजट में भारी बढ़ोतरी

तेलंगाना के अल्पसंख्यक कल्याण के लिए बजट में भारी बढ़ोतरी, युवा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर

तेलंगाना सरकार ने 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए संतुलित बजट पेश किया है, वहीं, अल्पसंख्यक कल्याण के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बजट आवंटन में भारी बढ़ोतरी की है, जो हाशिये पर पड़े समुदायों के उत्थान के लिए उसकी प्रतिबद्धता दर्शाता है. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का बजट अब 3 हजार 5 सौ 91 करोड़ है, जो 2024- 25 में आवंटित बजट से 2 हजार 9 सौ 97 करोड़ से बहुत अधिक है एवं 593 करोड़ की वृद्धि को दर्शाता है.

हैदराबाद, 20 मार्च, 2025. युवा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान
उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने बजट पेश करते हुए अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है. राशि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 840 करोड रुपए राजीव युवा विकास योजना के लिए निर्धारित किया गया है, जो अल्पसंख्यक पृष्ठभूमि के युवा युवतियों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए बनाया गया एक विशेष कार्यक्रम है .

एकीकृत आवासीय विद्यालय
शिक्षा में समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने तेलंगाना अल्पसंख्यक आवासीय शैक्षणिक संस्थान समिति स्कूलों को नव स्थापित युवा भारत आवासीय विद्यालयों के साथ एकीकृत करने के लिए कदम उठा रही है. बीते वर्ष कोंदुर्ग में एक शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने एकीकृत शैक्षिक वातावरण के
महत्व पर जोर दिया था . उन्होंने कहा, ” जाति और धर्म के आधार पर छात्रों को अलग करना विभाजन करता है.
हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पृष्ठभूमि के छात्र एकीकृत आवासीय विद्यालयों में एक साथ सीखें. ” हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कदम टीएमआरईआईएस के वाईआईआरएस के साथ विलय का संकेत नहीं देता है. इसके वजाए, मौजूदा किराए के परिसरों से संचालित संस्थाओं को एकीकृत स्कूल परिसरों के भीतर, उन छात्रों के लिए निर्दिष्ट ब्लॉक आवंटित किए जाएंगे, जिससे उन्हें अन्य समुदायों के अपने साथियों के साथ पुस्तकालयों, खेल मैदानों और सामान्य क्षेत्रों जैसी साझा सुविधाओं तक पहुंच मिल सकेगी. इसके अतिरिक्त, अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि एकीकरण से टीएमआरईआईएस के लिए बहु क्षेत्रीय विकास योजना के तहत निर्मित स्कूलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इस पहल का उद्देश्य इन संस्थानों की विशिष्ट पहचानो को बनाए रखते हुए छात्रों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है.

केटीआर ने बजट को विश्वासघात बताया
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव बजट को ” तेलंगाना के साथ विश्वासघात और दिल्ली के लिए सौगात” बताया. उन्होंने कहा कि बीआरएस ” कांग्रेस द्वारा तेलंगाना की पीठ में छुरा घोंपने और उसके जन विरोधी बजट ” का कड़ा विरोध करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता दिल्ली को धन पहुंचाने के लिए’ मूसी लूट ‘ है.

20 साल बाद व्यवहारिक बजट
करीब दो दशकों बाद पहली बार तेलंगाना को संतुलित और यथार्थवादी बजट मिला है, जिसमें कांग्रेस सरकार ने रुपए के प्रवाह में जैविक वृद्धि का अनुमान लगाया है, चाहे वह अपने कर राजस्व के माध्यम से हो, या केंद्रीय करों के हस्तांतरण और उधार के जरिए से. जब से डॉ वाईएस राजशेखर रेड्डी सरकार ने 2008 –09 में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के परिव्यय वाला बजट पेश किया, तब से उसके बाद की सरकारें पिछले वित्त वर्ष में प्रस्तुत राजस्व और व्यय प्राप्ति में भारी गिरावट के बावजूद परिव्यय को बढ़ाने के लिए जुनूनी रही है . विभाजन के बाद
, तेलुगु राज्यों ने परंपरा का पालन किया . बुधवार को उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री मालू भट्टी विक्रमार्क ने अपने रूख पर कायम रहते हुए बजट परिव्यय में 7.3 प्रतिशत की जैविक वृद्धि दर का अनुमान लगाया जो 2.91 लाख करोड रुपए से बढ़कर 3.04 लाख करोड़ हो गया, जबकि पिछले बीआरएस सरकार द्वारा लगभग एक दशक तक 14 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि का अनुमान था .