चाँदनी रात, शांत जंगल और दबे पांव बढ़ते 600 जवानों के कदम

चाँदनी रात, शांत जंगल और दबे पांव बढ़ते 600 जवानों के कदम… सूरज उगते ही नक्सलियों पर कहर

छत्तीसगढ़ में जवानों ने 30 नक्सलियों को ढ़ेर कर दिया है. चाँदनी रात और पतझड़ के मौसम का जवानों को फायदा मिला. शांत जंगल में दबे पांव 600 जवानों के कदम बढ़ते गए और सूर्योदय होते ही जवानों ने
नक्सलियों को ढ़ेर करना शुरू कर दिया और शाम को जंगल से जवान लौट आए.

बीजापुर/ हैदराबाद, 21 मार्च, 2025. छत्तीसगढ़ के बीजापुर में जवानों को बड़ी सफलता मिली है. नक्सलियों के पूरे नेक्सस को जवानों ने नेस्तनाबूद कर दिया है. जवानों को इस पूरे ऑपरेशन के दौरान चाँदनी रात का फायदा मिला है. जंगल में बिना लाइट के इस्तेमाल किए दबे पांव अपने कदम बढाते गए. चारों ओर से 600 जवानों ने यहां गंगालूर जंगलों में प्रवेश किया . हालांकि इसकी भनक तक नक्सलियों को नहीं लगी. सुबह होते ही
जवानों ने नक्सलियों पर गोली झोंकना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि इस दौरान कुछ नक्सली भागने में भी सफल रहे लेकिन 26 को जवानों ने सिर्फ बीजापुर में ही ढ़ेर कर दिया. वहीं, कांकेर में 4 को मार गिराया है.

चाँदनी रात का मिला फायदा
दरअसल, चाँद की चमक की वजह से अभी अंधेरा कम रहता है. चाँदनी रात की वजह से जंगल में पहले की तरह अंधेरा नहीं था. इसका फायदा जवानों को यह हुआ कि जंगल में प्रवेश के लिए ज्यादा टॉर्च की रोशनी की इस्तेमाल नहीं करना पड़ा. जवान दबे पांव जंगल में प्रवेश करते चले गए.

पेड़ों पर पत्तियां कम तो जंगल घना नहीं

अन्य मौसमों में पेड़ों पर पत्तियां अधिक होती है. इसकी वजह से जंगल में अंधेरा ज्यादा होता है . अभी गर्मी के साथ-साथ पतझड़ का मौसम है. इसकी वजह से पेड़ों पर पते नहीं है. यही कारण है कि जंगल में सब कुछ साफ-साफ दिखता है . जवानों को इसका बड़ा फायदा मिला और मंदिर तक आसानी से पहुंच गए .

नक्सलियों को भनक तक नहीं लगी+ जंगल में करीब 600 जवान सूचना मिलने के बाद घेराबंदी के लिए घुसे थे. अलग-अलग हिस्सों से जवान दबे पांव जंगल में घुस रहे थे. सारे जवान पैदल ही जंगल में प्रवेश कर रहे थे . नक्सलियों को इसकी आहट तक भी नहीं हुई. पुख्ता इनपुट के बाद जवान सही जगह पर पहुंच गए. साथी नक्सलियों को पूरी तरह से घेर लिया था.

सूर्योदय के साथ ही शुरू कर दी फायरिंग
सभी जवान मंजिल तक पहुंच गए थे. सूर्योदय के साथ ही उन्हें सामने नक्सली दिखने लगे. जवानों को सूचना थी कि कि कुछ बड़े नक्सली नेता यहां मौजूद हैं . नक्सलियों को देखते ही जवानों ने चारों तरफ से गोली झोंकना शुरू कर दिया. जवाबी कार्रवाई में नक्सलियों ने भी फायरिंग करने लगे. इस दौरान जवानों ने अकेले बीजापुर में 26 नक्सलियों को ढेर कर दिया. यह फायरिंग दोपहर बाद तक होते रही. वहीं, कांकेर में भी 4 को मार गिराया.

बड़े नेता भाग गए
सूत्र बताते हैं कि पापा राव जैसे बड़े नक्सली नेता की मौजूदगी की सूचना वहां पर थी. लेकिन नक्सलियों की विशेष टुकड़ी उन्हें वहां से निकालने में कथित रूप से सफल रही है. हालांकि, जंगल में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है. कुछ नक्सली घायल भी हुए हैं. मौके से जवानों ने भारी मात्रा में एक-47, एसएलआर, इंसास राइफल, 303 राइफल, रॉकेट लांचर, बीजीएल लांचर हथियार समेत विस्फोटक पदार्थ बरामद किया है
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