बंगाल के बार में ‘ शराब- कबाब’ के साथ अब ‘ शबाब ‘ भी! : ममता सरकार का फैसला

बंगाल के बार में ‘ शराब– कबाब’ के साथ अब ‘ शबाब ‘ भी ! : ममता सरकार का फैसला

पश्चिम बंगाल के बार में अब महिलाएं भी शराब परोस सकेंगी. दरअसल, बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने नया विधेयक पारित कर महिलाओं को बार में काम करने की अनुमति दी है. इसमें बंगाल आबकारी अधिनियम, 1909 में संशोधन किया गया है. इस विधायक के बाद ओएन कैटेगरी की शराब की दुकानों में महिलाओं को रोजगार दिया जा सके और यहां पर उनके काम करने पर रोक को हटाया जा सके. भारत के कई राज्यों में महिलाओं को बार में काम करने का अधिकार पहले से है

कोलकाता/ हैदराबाद, 21 मार्च, 2025. पश्चिम बंगाल वित्त विधेयक, 2025 को राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विधेयक पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुरुषों और महिलाओं के बीच भेदभाव में विश्वास नहीं करती है. उन्होंने कहा कि विधायक के दूसरे प्रावधानों के अलावा, यह राज्य सरकार को अवैध शराब बनाने की रोकथाम के लिए गुड़ सहित और भी दूसरे कच्चे माल की आपूर्ति की निगरानी करने का अधिकार देता है.

क्या है ऑन कैटेगरी ?
ऑन कैटेगरी बार / शॉप ऐसी जगह होती है, जहां पर शराब को वहीं परोसा जाता है. यह ऑफ कैटेगरी की दुकानों से बिल्कुल अलग है.ऑफ कैटेगरी में शराब की दुकान में शराब पीने की अनुमति नहीं होती है. यहां से कस्टमर शराब लेकर जा सकते हैं.

इन राज्यों में महिलाएं शराब की दुकान पर काम करती है

बेंगलुरु में महिलाएं बार में काम कर सकती हैं . 2012 में, कर्नाटक पुलिस अधिनियम के तहत, बेंगलुरु पुलिस ने सभी पब और रेस्तरां लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया था, ताकि वह महिलाओं को यहां पर रोजगार दे सकें . वहीं दिल्ली में महिलाओं को बार में काम करने और शराब परोसने की अनुमति है. यहां महिलाएं बार स्टाफ के रूप में औपचारिक तौर पर काम कर सकती हैं . जबकि मुंबई में बार और शराब — लाइसेंस प्राप्त दुकानों में महिलाएं काम कर सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि महिलाओं को बार टेडिंग सहित किसी भी पेशे को अपनाने का अधिकार है. केरल में महिलाओं को बार में काम करने की अनुमति है . गोवा में भी महिलाएं शराब की दुकानों पर काम कर सकती हैं .